उदयपुर में नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर बर्बरतापूर्वक हुई हत्या से पूरा देश आक्रोशित है। हत्यारों को गिरफ्तार किया जा चुका है लेकिन यह सवाल लगातार उठ रहा है कि इस तालिबानी अंदाज में हत्या के पीछे यह मानसिकता क्या है? सोशल मीडिया पर इस मानसिकता के विरोध में बुधवार सुबह से हैशटैग ‘सिर तन से जुदा’ ट्रेंड कर रहा है। 

सोशल मीडिया पर यह कहा जा रहा है कि कन्हैया लाल के कत्ल में उन सबकी भी भागीदारी है, जिन्होंने ..सिर तन से जुदा.. नारे के साथ सड़कों पर उत्पात मचाया था। सड़कों पर उतरकर ‘सिर तन से जुदा’ के नारे लगाने वाले हर व्यक्ति को एनएसए लगाकर जेल में डाला जाना चाहिए।  

साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि भारत धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है किंतु धर्म निर्पेक्षता का अर्थ अब यह नही है कि एक ही धर्म पर फूहड़ हास्य को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के रूप में देखा जाए और दूसरे में सिर तन से जुदा-

सोशल मीडिया पर राजस्थान पुलिस और सरकार पर भी सवाल उठा रहे हैं-

गौरतलब है राजस्थान के उदयपुर में नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट लिखने पर कन्हैया नाम के युवक की नृशंस हत्या कर दी गई थी। हत्या के दोनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। दहशतगर्द रियाज अंसारी और मोहम्मद गौस कपड़े का नाप देने का बहाना बनाकर उसकी दुकान में घुसे और कन्हैयालाल पर तलवार से कई हमले किए। आरोपियों ने घटना के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी भी ली और सिर तन से जुदा नारे लगाते हुए वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक की ह्त्या की धमकी दे डाली थी।