रेस्टोरेंट में ग्राहकों से बिल पर अतिरिक्त चार्ज वसूल रहे हैं।
कई होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाने पर आप से 10 प्रतिशत तक एक्स्ट्रा वसूली की जा रही है। ये राशि सर्विस चार्ज के रूप वसूली जा रही है। किसी भी होटल या रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज लेना गैरकानूनी है। अब सरकार भी ऐसे होटल या रेस्टोरेंट पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है, इस संबंध में कानूनी ढांचा भी तैयार कर लिया है। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने होटल व रेस्टोरेंट संचालकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद यह फैसला लिया। गुरुवार को हुई इस बैठक में नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने कहा कि सर्विस चार्ज गैरकानूनी नहीं है। ऐसा पूरी दुनिया में होता है। इधर सरकार ने साफ कहा कि ग्राहकों से जबरन सर्विस चार्ज वसूलना ठीक नहीं है।
इस मामले में विभागीय अधिकारियों ने भी कहा कि रेस्टोरेंट में ग्राहकों से बिल पर सर्विस चार्ज वसूलना सही नहीं है। विभाग को इस संबंध में कई शिकायतें मिली थीं। विभाग ने 24 मई को इस संबंध में होटल उद्योग से जुड़े संस्थानों को पत्र लिखा था। सर्विस चार्ज को लेकर सरकार और रेस्टोरेंट मालिकों के बीच लंबे अर्से से बनी है। होटल और रेस्टोरेंट से जुड़े संगठनों का कहना है कि सर्विस चार्ज वसूलना होटल या रेस्टोरेंट का निजी मामला है। इस पर कानून निर्माण नहीं करना चाहिए।
एनआरएआई यानी होटल व रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े लोगों की आधिकारिक संस्था में करीब 5 लाख रजिस्टर्ड सदस्य है। NRAI का यह भी कहना है कि रेस्टोरेंट के मेन्यू कार्ड में सर्विस चार्ज की जानकारी साफ-साफ लिखी होती है। ग्राहक भी सेवा लेने से पहले यह बात अच्छी तरह से जान जाता है। संस्था के मुताबिक सर्विस चार्ज श्रमिकों के लिए फायदेमंद होता है। इसे हटाया गया तो रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े श्रमिकों का बहुत नुकसान होगा।