गले पर रस्सी से खींचने के निशान, शरीर पर है चोट..!

भोपाल, 

नजीराबाद थाना क्षेत्र स्थित सीयारकला और हरिपुरा गांव के बीच जंगल में एक व्यक्ति की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। दरअसल, मृतक मायके में रहने वाली बहू से पोती को लेने पहुंचा था। इस दौरान विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर बहू के मायके पक्ष ने उससे मारपीट कर दी। मृतक वहां से अपने घर के लिए निकल गया था, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा और उसकी लाश गुरुवार को जंगल में मिली।

थाना प्रभारी भरत प्रताप सिंह के अनुसार पूरन बंजारा पुत्र कालूराम बंजारा (50) निवासी सीआरकला गांव नजीराबाद किसानों और मजदूरी करता था। उसके बड़े बेटे ने एक साल पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बेटे की मौत के बाद से बहू उसके मायके हरिपुरा में रह रही है। बेटे और बहू की ढाई साल की बेटी है। पूरन को सूचना मिली थी कि वह दूसरी शादी कर रही है। जिसके बाद में वह पोती को लेने बहू के मायके पहुंचे थे। वहां बहू ने उनका विरोध किया और उसके परिजन ने पूरन के साथ मारपीट कर दी। इसी गांव में पूरन की भतीजी रहती है, चाचा के साथ मारपीट होती देख उसने बीच बचाव किया। बाद में चाचा घर जाने का बोलकर वहां से निकल गए, लेकिन वह घर नहीं पहुंचे।

बेटों को पिता से मारपीट की भनक लगी तलाश में निकले

इस दौरान पूरन के दो बेटों को पिता से मारपीट की भनक लगी तो उन्होंने आरोपियों के गांव में पहुंचकर उनकी तलाश की कोई नहीं मिला तो वह दोबारा गांव लौट गए। हालांकि पूरन गांव नहीं पहुंचा। सीआरवला से हरिपुरा के बीच एक किलो मीटर का फासला है। मृतक के परिजन ने कल तरके उसकी तलाश की तो अपने गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर पूरन की बॉडी सड़क किनारे बने खेत में लावारिस हालत में मिली। शव पर ऊपरी चोटों के निशान नहीं थे। हालांकि उसके गले में रस्सी का निशान मिला है। पुलिस का अनुमान है कि पूरन की गला घोंटकर हत्या की गई और बॉडी को खेत में फेंक दिया गया हत्या का संदेह बहू के मायके वालों पर है, वारदात के बाद से ही उस घर के सभी मर्द फरार है।