शिव भजन "हर-हर शंभू" गाकर सुर्खियों में आईं फरमानी नाज की सफलता की कहानी आज हम आपको बताएंगे, जो आपको फरमानी पर गर्व महसूस कराएगी। एक समय था जब फरमानी के पास अपने बेटे का पेट भरने के लिए पैसे तक नहीं थे और आज एक समय है जब उसके पास सब कुछ है। जानिए तीन साल में कैसे बदल गई फरमानी की जिंदगी?

 

फरमानी नाज़ के माता-पिता के बारे में बात करने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में बात करते हैं। मुजफ्फरनगर के खतौली कस्बे में रहने वाले फरमानी के माता-पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन फिर भी उन्होंने कर्ज लिया और अपनी बेटी फरमानी की शादी धूमधाम से की। शादी के लिए लाखों रुपये का कर्ज लिया था। शादी के बाद फरमानी ससुराल चली गई लेकिन उनका पति रोज उन्हें प्रताड़ित करने लगा।

 

साल 2019 में फरमानी ने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन बेटे की नाक और मुंह का छेद एक था। यह देख ससुराल वाले भड़क गए और फरमानी से दहेज की मांग करने लगे और उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मायके की आर्थिक स्थिति देखकर वह सब कुछ सह लेती थी, लेकिन एक दिन उसका सब्र टूट गया और वह अपने एक महीने के बेटे को लेकर अपने पिता के पास आ गई। फरमानी का कहना है कि शादी के बाद भी पति दूसरी महिला से बात कर रहा था।

फरमानी के मायके में भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। पहले तो उसने अपने पास मौजूद कुछ गहने बेच दिए और बच्चे की देखभाल करने लगी, लेकिन कुछ ही दिनों में पैसे खत्म हो गए। अब फरमानी के पास अपने बेटे के दूध के लिए पैसे तक नहीं थे। इसी दौरान फरमानी की माँ राहुल मुलहेड़ा से मिली, जो एक YouTube चैनल चलाता था, फ़िर उन्होंने फरमानी के लिए एक गीत की पेशकश की।

 

राहुल मुलहेड़ा ने फरमानी को 25,000 रुपये प्रति माह के वेतन के साथ-साथ बच्चे के इलाज की पूरी लागत और बच्चे के दूध के लिए अलग से पैसे देने का वादा किया। उसके बाद फरमानी नाज़ का एक गाना रिकॉर्ड किया गया। फरमानी का पहला गाना चुल्हे पर रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो को तीन दिनों में 10 मिलियन Views मिले थे। फिर एक के बाद एक कई गाने रिकॉर्ड किए गए और फरमानी लोकप्रिय हो गईं।

साल 2020 में राहुल ने अपने यूट्यूब चैनल का नाम बदलकर फरमानी नाज सिंगर कर लिया। 2020 में फरमानी नाज कुमार शानू के साथ बॉलीवुड गाना गाने के लिए मुंबई गई थीं, जिसके लिए उन्हें 45 हजार रुपये मिले थे। उन्होंने इंडियन आइडल 2020 के लिए ऑडिशन दिया और साथ ही उन्हें गोल्डन टिकट भी मिला लेकिन उसी दौर में उनके बेटे का इलाज शुरू हो गया था जिसके कारण वह मुंबई नहीं जा सकीं। बच्चे के इलाज के बाद फरमानी की जिंदगी का एक नया दौर शुरू हो गया।

फरमानी के गाने एक के बाद एक सुपरहिट होते जा रहे थे। जल्द ही राहुल ने वेतन बढ़ाकर 35 हजार कर दिया। इस दौरान राहुल ने तीन और यूट्यूब चैनल "नाज़ भक्ति, नाज़ नज्म और नाज़ म्यूज़िक" शुरू किए। राहुल, फरमान और फरमानी इन तीन चैनलों में पार्टनर हैं और इससे जो कमाई होती है वह तीनों के बीच साझा की जाती है, जबकि फरमानी को नाज़ सिंगर यूट्यूब चैनल से 35 हजार रुपये प्रति माह वेतन अलग से मिलता है।

समय का बदलता खेल देखिये, अक्टूबर 2019 में फरमानी के पास अपने बेटे का पेट भरने के लिए पैसे तक नहीं थे, लेकिन उसी फरमानी ने 2022 तक अपनी शादी के दहेज़ का क़र्ज़ लगभग 8 लाख रुपये चुका दिया। इसके साथ ही अपने मायके का घर बनाया, जिसकी लागत करीब 3 लाख रुपये थी। अब फरमानी खतौली में अपना ख़ुद का घर बनाने की प्लानिंग कर रही हैं। राहुल ने फरमानी नाज के लिए खतौली में एक स्टूडियो भी बनाया है, जिसकी लागत करीब 1 करोड़ रुपए है।

सच्ची मेहनत और लगन से मात्र तीन साल में ही फरमानी फर्श से सिंहासन तक पहुंच गई। एक कलाकार के रूप में फरमानी भक्ति गीतों के साथ-साथ कव्वाली और बॉलीवुड गाने भी गाती हैं। लगातार उनकी फैन फॉलोइंग बढ़ती जा रही है। फरमानी नाज़ सिंगर के अकेले यूट्यूब चैनल पर लगभग 4 मिलियन सब्सक्राइबर हैं। फरमानी इस समय एक चर्चित कलाकार है। 

अब मुस्लिम समुदाय उन्हें टारगेट करने में लगा हुआ है, क्योंकि फरमानी हिंदू धर्म से जुड़े गाने गा रही है। लेकिन इसपर फरमानी ने एक ऐसा रिप्लाई दिया जिसने सभी को एक बार में चुप कर दिया। फरमानी ने कहा, जब मेरे पास कुछ नहीं था, तब आप लोग कहा थे? मेरा पति मुझे परेशान करता था, तब आप कहा थे? क्यों किसी ने भी मेरी मदद नहीं की। फरमानी के इन सवालों का जवाब अब किसी के पास नहीं है।