भोपाल: प्रदेश में किसानों की आय पांच साल में भी दो गुनी नहीं हो पाई है। वर्ष 2016 में शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के रुप में यह घोषणा की थी जिसे वर्ष 2021 के अंत तक पूरा होना था। परन्तु अब कृषि विभाग का अधिकृत रुप से कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार, कृषकों की आय दो गुनी करने के प्रयास किये जा रहे हैं जिसकी समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।
दरअसल यह घोषणा शिवराज ने अपने पिछले कार्यकाल में की थी तथा दिसम्बर 2018 में उनकी सरकार बदल गई थी कांग्रेस की कमलनाथ सरकार आ गई थी जिन्होंने किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्जे माफ करने की प्रक्रिया शुरु कर दी थी। लेकिन वे चौदह माह ही सरकार में रह पाई और मार्च 2020 में पुन: भाजपा की शिवराज सरकार आ गई और उसे कोरोना काल से गुजरना पड़ा है जो अभी भी जारी है। यही कारण है कि शिवराज सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लक्ष्य से अभी भी पीछे है।
प्रदेश में अब नहीं खुलेंगी नई मंडियां :
इधर मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया है कि मप्र कृषि मंडी बोर्ड के अंतर्गत अब प्रदेश में नई कृषि उपज मंडियां एवं उपमंडियां नहीं खोली जायेंगी तथा इसके स्थान पर हानि में चल रही मंडियों की अधोसंरचना के बेहतर उपयोग एवं प्रभावी प्रबंधन के साथ उन्हें लाभ में संचालित, मंडी के रुप में परिवर्तित किया जायेगा। इस निर्णय पर मंडी बोर्ड ने अमल प्रारंभ कर दिया है।