एफबीआई ने अमेरिकी पीड़ितों का विवरण इंदौर पुलिस के साथ साझा किया..!
गिरोह अमेरिकी नागरिकों को voice संदेश भेजता था और फिर उन्हें स्पूफिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग करके कॉल करता था ताकि यह लग सके कि कॉल अमेरिका से की जा रही थी।
रैकेट एक साल तक चला और कथित तौर पर दैनिक आधार पर 10,000-15,000 डॉलर की ठगी की। इंदौर क्राइम ब्रांच ने नवंबर 2020 में गिरोह का भंडाफोड़ किया और 21 संदिग्धों को गिरफ्तार किया लेकिन पीड़ितों की संख्या और कितने पैसे की ठगी हुयी का पता लगाना मुश्किल साबित हो रहा है। इसके चलते इंदौर पुलिस ने सीबीआई की मदद से एफबीआई से संपर्क किया।
एफबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को इंदौर के पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा से मुलाकात की। मिश्रा ने टीओआई को बताया, "एफबीआई के अधिकारियों ने कॉल सेंटर रैकेट के माध्यम से ठगे गए लगभग 40 अमेरिकी नागरिकों का विवरण साझा किया और मामले पर चर्चा की।" उन्होंने कहा कि एफबीआई ने जांच के हिस्से के रूप में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दो पीड़ितों की गवाही की भी व्यवस्था की है।
मिश्रा ने कहा, "इंदौर अपराध शाखा जांच करेगी और एफबीआई ने मदद का आश्वासन दिया है क्योंकि पीड़ितों में ज्यादातर अमेरिकी नागरिक हैं।" उन्होंने कहा कि अपराध शाखा ने अमेरिका में करीब 600 पीड़ितों की पहचान की है, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग हैं।