भोपाल: स्कूली बच्चों को ऑनलाईन एजूकेशन के दौरान प्रति सप्ताह 5 हजार 196 सायबर अटैक हो रहे हैं। इससे बच्चों को अपमानजनक बातें सुननी पड़ रही है एवं अश्लील वीडियों को भी देखना पड़ रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र के अपर मिशन संचालक लोकेश कुमार जांगिड़ ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वे ऑनलाईन एजुकेशन में सायबर अटैक के उपायों का उपयोग करें।

जांगिड़ ने कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वर्तमान में आने वाली आनलाइन एज्युकेशन में साइबर अटैक के प्रति गहन चिंता व्यक्त की है। आनलाइन एज्युकेशन वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अनिवार्य बनती जा रही है। कोविड आपदा में आनलाइन उपयोग बढ़ता जा रहा है।

इसलिये विद्यार्थियों में साइबर सिक्योरिटी के संबंध में संवेदनशीलता लाना अपरिहार्य हो गया है। जब असुरक्षित वीडियो कॉन्फ्रेंस का उपयोग किया जाता है तो अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा शाब्दिक उत्पीडऩ जैसे अपमानजनक शब्दों आदि का उपयोग और अश्लील विषयवस्तु को प्रदर्शित किया जा सकता है।

साइबर अटैक करने वाले सोशल इंजीनियरिंग व्यूह रचनाओं का उपयोग पीडि़त को धोखा देने, उनकी व्यक्तिगत जानकारियों को प्राप्त करके, रुपया चोरी करने, पहचान चोरी करने आदि के लिए करते हैं। साइबर क्रिमिनल मैसेजे चोरी करना, कैमरा हैक करना, पिक्चर में व्यक्ति को बदल देना आदि भी करते हैं।

साइबर स्क्वेटिंग अन्तर्गत साइबर क्रिमिनल अपराधियों द्वारा विद्यालय के जैसी वेबसाइट बनाकर आपकी दुर्भावनापूर्ण लिंक या अटेचमेंट दिए जाते है और उनको डाउनलोड करने को कहा जाता। ई-मेल स्पूफिंग में विद्यार्थी सोचता है कि स्कूल से मेल आया है जबकि कूट ई-मेल होती है। इन ई-मेल में प्रायवेट जानकारियाँ मांगी जाती हैं या दुर्भावनापूर्ण वेबसाईट/अटेंचमेंट पर जाने को कहा जाता है। इन लिंक/वेबसाइट पर जाने से सिस्टम हेंग हो जाता है या सिस्टम का डेटा चोरी हो जाता है।

अपर संचालक ने कहा है कि सायबर सिक्युरिटी के लिये ई-मेल और पासवर्ड को रिव्यू करें और स्ट्रांग पासवर्ड का उपयोग करें जिससे सरलता से कोई उस तक ना पहुंच सके। फायरवॉल एक सिक्युरिटी डिवाइस है, इसको सिस्टम पर उपयुक्त तरीके से कन्फिगर करना चाहिए। ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लीकेशन्स को हमेशा अपडेट रखना चाहिए। एंटी वाइरस साफ्टवेयर अपडेट होना चाहिए तथा नेटवर्क को नियमित स्केन करना चाहिए। कक्षा में जब कैमरे का उपयोग नहीं हो तो से कवर करके रखना चाहिए।