प्रयागराज में आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े है। घाटों पर आस्थावानों का सैलाब दिखाई दे रहा है। माघ माह की मौनी अमावस्या के अवसर पर त्रिकोणीय संगम में हजारों श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुंचे हैं।
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माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है लेकिन इस बार संयोग से ये अमावस्या आज यानी कि शनिवार को आई है, इसलिए इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहा जा रहा है।
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मौनी अमावस्या के अवसर पर त्रिकोणीय संगम में श्रद्धालुओं का अंदाजा इन तस्वीरों से लगाया जा सकता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान कर पूजा-अर्चना की।
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अमावस्या के दिन ‘पवित्र संगम’ में स्नान करने और दान-पुण्य करने का विधान है। इस दिन ‘पवित्र संगम’ में स्नान करने और दान-पुण्य करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत होता है और वो कर्ज मुक्त होता है। यानी अकाल मृत्यु का भय भी उसके अंदर से समाप्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन ‘पवित्र संगम’ में देवताओं का निवास होता है, इसलिए इस दिन ‘गंगा स्नान’ या ‘पवित्र तीर्थ स्थलों’ पर स्नान का विशेष महत्व माना गया है।