भोपाल। राज्य का वन विभाग भोपाल के लिये सीपीए (केपिटल प्रोजेक्ट एडमिनिस्ट्रेशन यानि राजधानी परियोजना प्रशासन) पुन: बनाने से सहमत नहीं है तथा उसने अपनी राय नगरीय प्रशासन विभाग को भेज दी है।
दरअसल पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार के समय तत्कालीन मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने सीपीए खत्म कर उसके कामकाज अलग-अलग विभागों में बांट दिये थे। पहले सीपीए में वन विभाग के कर्मी भी प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ थे। सीपीए भंग होने पर वन विभाग ने भोपाल पर्यावरण वानिकी वनमंडल गठित कर इन कर्मियों को उसमें पदस्थ कर दिया था।
लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीपीए को पुन: गठित करने की कवायद प्रारंभ की है जिसके लिये नगरीय प्रशासन विभाग ने वन विभाग से अभिमत मांगा था। वन विभाग ने अपने अभिमत में कहा है कि वृक्षारोपण करने या इसे नष्ट करने पर न्यायालय या एनजीटी में जाने वाले प्रकरणों के निपटारे के लिये वन विभाग को ही नोडल अधिकारी बनाया जाता है, इसलिये वह सीपीए पुन: गठित करने के पक्ष में नहीं है तथा उसका नवगठित पर्यावरण वानिकी वनमंडल भोपाल यथावत रहे।