भोपाल, 

राजधानी के आसपास बाघों की दहशत तो है ही अब तेंदुओं का भी आतंक फैल रहा है। शाम के धुंधलके में एक ग्रामीण के घर में तेंदुआ घुसने के बाद से वन ग्राम और जंगल के आसपास वाले इलाकों में बेहद सतर्कता का आलम है। वन विभाग ने तेंदुओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि तेज गर्मी और खाने की तलाश में तेंदुए का मूवमेंट आसपास के रहवासी इलाकों में देखा है।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों भोपाल सहित रातापानी सेंचुरी और उसके आसपास के इलाके में तेंदुओं दिखाई पड़ रहे हैं। खास बात यह है कि जिन इलाकों में कभी कोई वन्य प्राणी दिखाई नहीं देता था, वहां तेंदुए के पगमार्क मिल रहे हैं। भोपाल के आसपास दस के करीब तेंदुओं के प्रमाण मिले हैं। इनमें वाल्मी, अमरनाथ कॉलोनी, केरवा, कलियासोत,  ज्यूडिशियल अकादमी, सूरज नगर, आईआईएफएम समेत कई इलाके शामिल हैं। गौरतलब है कि केरवा के आसपास बरसों से बाघों का भी मूवमेंट हैं। बताया जाता है कि रातापानी सेंचुरी और उसके आसपास करीब तीन सौ तेंदुओं की

उपस्थिति के प्रमाण मिले हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब ये अपने इलाके से निकलकर रहवासी इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं। 

गांव वालों को सलाह

वन अमला गांव वालों को सलाह दे रहा है कि वे अकेले जंगल न जाएं, चूंकि तेंदुआ धोखे से वार करता है इसलिए जब भी निकले हाथ में टॉर्च या आग रखे यदि आसपास कुत्तों के भौंकने की  आवाज आ रही है तो इस पर ध्यान दे सुनसान और अंधेरे में निकलते समय समूह में रहें। छोटे बच्चों को धुंधलके में घर से बाहर न निकलने दे।

घर के अंदर सोने की सलाह दी जा रही है। इसकी वजह पिछले वर्ष मई जून में ही तेंदुओं ने कुछ लोगों पर हमला किया था। इसमें से दो बच्चों की मौत हो गई थी।

गांवों में हो रही मुनादी

दरअसल, भोपाल सहित रातापानी सेंचुरी का वातावरण वन्य प्राणियों के अनुकूल है। आसपास के गांवों के पास तेंदुओं का मूवमेंट देखा जा रहा है। ये जंगल से निकलकर ग्रामीण इलाकों में पहुंच रहे हैं। वन विभाग की चिंता इस बात पर है कि इस साल किसी बच्चे पर तेंदुआ हमला न करे, इसके लिए गांवों में जाकर लोगों को घर के अंदर रहने की मुनादी कराई जा रही है। दरअसल गर्मी में तेंदुआ शिकार और पानी की तलाश में गांव के पास पहुंचता है