भोपाल: राज्य सरकार के पुलिस मुख्यालय ने अपनी सभी पुलिस इकाईयों को ताजा परिपत्र जारी कर कहा है कि गंभीर अपराधोंं की विवेचना के दौरान किसी वनकर्मी की गिरफ्तारी के पूर्व बीएनएस के प्रावधान कि यह विश्वास करने का कारण है कि उस वनकर्मी ने उक्त अपराध किया है- का सतर्कतापूर्वक पालन करें और संबंधित वनकर्मी को लिखित में गिरफ्तारी का आधार बताया जाये। 

परिपत्र में उल्लेखित किया गया है कि वन संरक्षण के संबंध में लोक व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से कर्तव्य पालन की ड्यूटी के दौरान वनमंडलों में पदस्थ वनरक्षकों, वनापालों एवं उप वनक्षेत्रपालों के विरुध्द किसी अपराध (एफआईआर) के दर्ज हो जाने की दशा में अभियोजन के पूर्व राज्य शासन की अनुमति आवश्यक होगी। पुलिस मुख्यालय ने यह परिपत्र सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में प्रस्तुत सुमोटो डब्ल्युपी-सी-02/26 चंबल अभ्यारण्य में अवैध रेत उत्खनन एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण के संबंध में जारी किया है।