भोपाल. वन मंत्री विजय शाह के फरमान से महकमे के अफसरों में हड़कंप मची हुई है. वन मंत्री शाह ने अफसरों से कहा है कि वह अपने दौरे की डायरी ऑनलाइन (डायरी प्रबंधन सिस्टम) अपलोड करें. शाह नहीं रुके. आगे उन्होंने कहा है कि  वह हर महीने 2 डीएफओ, 5 एसडीओ और 10 रेंजरों की टू डायरी की समीक्षा करेंगे.

पिछले दिनों वन मंत्री विजय शाह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए यह फरमान जारी किया है. इसके पहले भी वन मंत्री विजय शाह विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर चुके हैं कि सप्ताह में 3 दिन जंगलों में जाएं और रात्रि विश्राम करें. वन मंत्री के निर्देश का फील्ड में असर नहीं दिखाई दिया. इसके अलावा वन मंत्री साहब को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि मुख्य वन संरक्षक, डीएफओ, एसडीओ और रेंजर लैपटॉप और मोबाइल पर ही जंगलों की निगरानी कर रहे हैं. उनके इसी कार्यशैली के कारण ही अवैध उत्खनन, अवैध कटाई और अतिक्रमण तेजी से बढ़ने लगे हैं. इसके अलावा कई अधिकारी डायरी लिखने में फर्जीवाड़ा कर रहे हैं. विभाग द्वारा ऐसे अधिकारियों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है. जबकि टूर डायरी लिखने में गड़बड़ी करने वालों की जांच रिपोर्ट भी प्रशासन-एक में लंबित है. इन्हीं शिकायतों के आधार पर ही वन मंत्री विजय शाह प्रशासनिक कसावट लाने के लिए अफसरों की टूर डायरी की समीक्षा करने की घोषणा भी की है.

 समय पर अपलोड नहीं करते डायरी
 विभागीय सूत्रों के अनुसार मुख्य वन संरक्षक से लेकर रेंजर तक टूर डायरी समय पर अपलोड नहीं कर रहे हैं. पूरे डायरी अपलोड करने का अंतिम तिथि 10 तारीख तय की गई है. इसके बाद भी 2 दर्जन से अधिक (सीसीएफ से डीएफओ ) आईएफएस अफसर अपनी दो डायरी समय पर प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं. इसे लेकर वन बन प्रमुख आरके गुप्ता ने कई अफसरों को नोटिस भी जारी किया है.

 विभाग में हो रहा है विरोध
 प्रशासनिक मर्यादाओं में जकड़े हुए कई आईएफएस अफसरों ने वन मंत्री विजय शाह के फरमान का विरोध किया है. विरोध करने वालों का तर्क है कि फॉरेस्ट मैनुअल में कहीं भी इस बात का उल्लेख नहीं है कि मंत्री जी अफसरों की टूर डायरी की समीक्षा करेंगे. आला अफसरों का तर्क है कि विभाग में टूर डायरी की समीक्षा करने की परंपरा बनी हुई है. समीक्षा करने के लिए बना हुआ है. इसके आधार पर एसडीओ और डीएफओ की टूर डायरी की समीक्षा सीसीएफ करते हैं. जबकि रेंजर और उसके नीचे के कर्मचारियों समीक्षा डीएफओ स्तर करते हैं.

इनका कहना है
 मैनुअल में उल्लेख होने का सवाल नहीं है. मंत्री जी विभाग के मुखिया हैं. चाहे तो किसी भी अधिकारी की टूर डायरी की समीक्षा कर सकते हैं. मंत्री की इच्छा साफ है कि अधिकारी हो या फिर कर्मचारी फील्ड में अधिक से अधिक जाएं.
आरके गुप्ता, वन बल प्रमुख