भोपाल. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने 'मिशन-23' को लेकर जिला अध्यक्ष एवं जिला प्रभारियों की बैठक बुलाई. बैठक में मुरैना के जिला अध्यक्ष एवं राकेश मावई ने जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी. साथ ही मावई ने कहा कि सभी विधायकों को जिला अध्यक्ष एवं प्रभारी दायित्व से मुक्त किया जाए. मावई ने कहा कि विधानसभा चुनाव के 18 महीने की रह गए है, इसलिए मुझे जिला अध्यक्ष पद से मुक्त किया जाए. उन्होंने तर्क दिया कि विधानसभा क्षेत्र में काम करने पर जिला अध्यक्ष की भूमिका ईमानदारी से नहीं निभा सकूंगा. मावई यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को जिला अध्यक्ष और प्रभारी पद से मुक्त किया जाए, जो विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. विधायक प्रभारी की भूमिका में रहेंगे तो वे दोहरी जिम्मेदारी इमानदारी से नहीं निभा सकेंगे. मेरा सुझाव यही है कि सभी विधायकों को दोहरी भूमिका से मुक्त कर मैं अपने विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहने की हिदायत दी जाए.
पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मंगलवार को अपने शासकीय बंगले पर जिला अध्यक्षों एवं प्रभारियों की बैठक बुलाई. बैठक में मुरैना के जिलाध्यक्ष एवं विधायक राकेश मावई ने जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की.
कमलनाथ ने कहा कि विधानसभा चुनाव के 18 महीने ही शेष बचे हैं. उन्होंने कहा कि समय कम है और संगठन की दृष्टि से काम अधिक है. बिना किसी शिकवे शिकायतों के संगठन के काम में जुट जाएं. बैठक में यह तथ्य उभरकर आया कि 80 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर मंडलम सेक्टर और बूथ का पुनर्गठन नहीं किया गया है. लगभग 40 प्रतिशत जिला अध्यक्षों की भूमिका निष्क्रिय है. बात पर नाराजगी जताते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि 25 जनवरी तक बूथ स्तर तक कार्यकारिणी का पुनर्गठन कर लें. सदस्यता अभियान की धीमी गति पर भी नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने के लिए सख्त हिदायत दी.
*बैठक में नहीं बुलाए गए दिग्विजय, अजय और अरुण*
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को बैठक लिए आमंत्रित नहीं किया. इस बात की चर्चा बैठक में पहुंचे विधायकों के बीच में रही. ग्वालियर चंबल के एक विधायक का कहना था कि विजय सिंह अजय सिंह और अरुण यादव के बिना 'मिशन-2023' पता करने की रणनीति बनाना बेईमानी होगी. उनका कहना था कि प्रदेश में आज भी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से बड़ा नेटवर्क किसी अन्य नेता का नहीं है. बैठकों में गुटबाजी की भावना ऊपर उठकर इन बड़े नेताओं से भी सलाह-मशविरा किया जाना चाहिए.
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जिला अध्यक्ष और प्रभारी पद से विधायकों को करें मुक्त..
कमलनाथ के समक्ष विधायक मावई ने इस्तीफे की पेशकश