भोपाल: 'जूट न कपास, जुलहों में लट्ठम-लट्ठ' कांग्रेस में इन दिनों यही हो रहा है। विधानसभा चुनाव के पहले ही मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर दिए गए बयान को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के सिपहसालार एवं पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने बयानबाजी करने वाले नेताओं की तुलना आत्मघाती दस्ते से कर दी।
पूर्व मंत्री और कमलनाथ किचन कैबिनेट के महत्वपूर्ण सदस्य सज्जन सिंह वर्मा ने यह टिप्पणी गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष नाथ के ही शासकीय बंगले पर पत्रकारों से सवालों के जवाब में की। उन्होंने कहा कि अरुण यादव खुद ऐसी परिस्थितियां बना रहे हैं कि वे पार्टी से बाहर हो जाएं। चुनाव के पहले किसी को पार्टी से बाहर नहीं किया जाएगा, बाद में फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ओबीसी के नेताओं में अरुण यादव और जीतू पटवारी में से यादव बड़े हैं।
नई कार्यकारिणी में कार्यकारी अध्यक्ष नहीं-
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने विधायक जीतू पटवारी के कार्यकारी अध्यक्ष होने संबंधी बयान पर कहा कि कांग्रेस संविधान में जब नई कार्यकारिणी गठित हुई है तो उसमें कार्यकारी अध्यक्ष का कोई प्रावधान नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि नई कार्यकारिणी बन गई जिसमें उपाध्यक्ष-महासचिव शामिल हैं तो पुरानी पदाधिकारी कोई बचा नहीं है। इसलिए अभी कोई कार्यकारी अध्यक्ष नहीं है।
यादव के खिलाफ साजिश तेज-
मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर दिए गए बयान के बाद कमलनाथ की टीम ने अरुण यादव को पार्टी छोड़ने के लिए ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया है। कांग्रेस आईटी सेल के अध्यक्ष और विवादास्पद नेता अभय तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल की है।

वायरल पोस्ट का हैडिंग था बीजेपी की उम्मीदों पर खरा उतरते अरुण यादव। कहा गया कि वे बीजेपी को रिझाने के लिए अठखेलियां दिखा रहे हैं पर पत्थर दिल बीजेपी है कि आलिंगन को तैयार ही नहीं है। यादव को कपूत कहा गया है और भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस तोड़ो की तर्ज पर खंडवा में यात्रा की किरकिरी कराने वाला नेता भी बताया।
इसमें उन्हें मध्य प्रदेश के नए सिद्धू बनने की लाइन में खड़ा बताया। यादव के बारे में परिचय के रूप में उन्हें पिता की राजनीतिक विरासत को धूल-मिट्टी में मिलाने वाला बताया। कहा गया है कि उन्होंने पिता की साख के दाम पर एक उपचुनाव व एक आम चुनाव जीता लेकिन लगातार तीन चुनाव हारे हैं।
वायरल पोस्ट में उन्हें बीजेपी की नजरों में खरा उतरने की फिराक में कांग्रेस नेताओं की नजर में गिरने वाले नेता बताया और सवाल उठाया है कि कि वे घर या बीजेपी में कहां जा रुकेंगे।