भोपाल। प्रदेश के पेंच-सतपुड़ा टाईगर कॉरीडोर में 5.2650 हैक्टेयर भूमि पर नेचुरल गैस पाईप लाईन डाली जायेगी। इसके लिये राज्य शासन ने अनुमति प्रदान कर दी है। यह पाईप लाईन गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा अपनी मुम्बई-नागपुर-झारसुगड़ा नेचुरल गैस पाईप लाईन परियोजना के तहत डाली जायेगी।

पेंच-सतपुड़ा टाईगर कॉरीडोर दक्षिण छिन्दवाड़ा वनमंडल में है जिसकी 1.3583 हैक्टेर वन भूमि एवं 3.9067 हैक्टेयर गैर वन भूमि में यह गैस पाईप लाईन डलेगी। इसमें 933 वृक्ष प्रभावित होंगे। उक्त परियोजना की कुल लागत 83 हजार 839 लाख रुपये है। इस परियोजना से राज्य के लोगों को गैस सुविधा प्राप्त होगी।

वन विभाग की वन्यप्राणी शाखा ने शर्त रखी है कि कॉरीडोर में भूमिगत पाईप लाईन डाले जाने हेतु ट्रेंच की चौड़ाई एक मीटर एवं गहराई 2 मीटर से अधिक नहीं होगी। वन एवं वन्यजीवों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जायेगा। नियमानुसार नेट प्रेजेन्ट वैल्यु एवं अन्य शुल्कों का भुगतान करना होगा।

गेल कंपनी द्वारा टाईगर कॉरीडोर में पहले 500 मीटर तक ट्रेंच की खुदाई की जायेगी और उसमें भूमिगत पाईप लाईन डाली जायेगी और इसके बाद टेंच को भरा जायेगा तथा उसके पश्चात अगले 500 मीटर में ट्रेंच हेतु खुदाई की जायेगी। गेल कंपनी को कॉरीडोर के विकास हेतु कॉरीडोर में प्रस्तावित परियोजना लागत की 5 प्रतिशत की राशि मप्र टाईगर फाउण्डेशन सोसायटी में जमा करना होगी। राज्य सरकार की स्वीकृति मिलने से अब यह मामला अंतिम स्वीकृति के लिये राष्ट्रीय वन्यप्राणी बोर्ड की बैठक में जायेगा तथा वहां से अनुमति मिलने पर कंपनी कॉरीडोर में अपना कार्य प्रारंभ कर सकेगी।