भोपाल: मध्य प्रदेश का आनंद संस्थान पूरी तरह से आनंद में है। हैप्पीनेस इंडेक्स तैयार करने के लिए राज्य सरकार को बाहर से मदद लेना पड़ रही है। आईआईटी के विशेषज्ञों से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है ,जबकि हैपीनेस मापने के लिए मध्य प्रदेश से आधा दर्जन बड़े अफसरों ने भूटान  दौरे किए थे , मगर वे अपनी हैप्पीनेस रिपोर्ट नहीं दे सके।

प्रदेश सरकार राज्य आनंद संस्थान के माध्यम से 63 लाख 60 हजार रुपये खर्च कर मप्र का हैप्पीनेस इंडेक्स तैयार कर रही है। इसके लिये आईआईटी खडगपुर से एमओयू किया गया है तथा उसे 20 लाख ररुपये का अग्रिम भुगतान कर दिया गया है। हैप्पीनेस इंडेक्स रिपोर्ट तैयार करने तक कुल 63 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान राज्य आनंद संस्थान द्वारा किया जाना है। बीस लाख रुपये अग्रिम भुगतान के अलावा शेष राशि 43 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान किश्त के स्थान पर कार्य की प्रगति के अनुसार किया जाना है।

प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार, हैप्पीनेस इंडेक्स मापने के लिये डोमेन का निर्धारण किया जाकर प्रश्नावली तैयार की गई है जिसमें आम लोगों के रहन-सहन एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित सवाल हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में हैप्पीनेस जानने के लिये आनंद संस्थान से जुड़े अब तक छह उच्च अधिकारी भूटान देश की यात्रा कर चुके हैं जिनमें कुछ रिटायर भी हो गये हैं।

इनमें शामिल हैं : इकबाल सिंह बैस, शिवकुमार शर्मा, अशोक जनवदे, संदीप कुमार दीक्षित, प्रवीण कुमार गंगराडे तथा मनोहर दुबे। अभी यह हैप्पीनेस इंडेक्स जारी नहीं किया गया है।