नई दिल्ली. गर्वनर रहते हुए भी केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ बोलते रहे गर्वनर सत्यपाल मलिक ने अपना रिटायरमेंट प्लान बताया है. मेघालय के राज्यपाल मलिक 30 सितंबर को रिटायर हो जाएंगे। इस संबंध में मीडिया में आए इंटरव्यू से उनके तेवर साफ जाहिर हो रहे हैं. वे चुप बैठने वाले नहीं हैं। रिटायरमेंट के बाद मलिक जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे, जन आंदोलनों से जुड़ेंगे। पिछले 8 साल में सत्यपाल मलिक का 4 राज्यों में तबादला किया गया। वे अपने बयानों से लगातार सुर्खियों में बने रहे। जब भी मौका मिला, BJP और केंद्र सरकार की आलोचना से नहीं चूके। किसान आंदोलन पर तो उन्होंने खरी—खरी कही। यहां तक कि पीएम नरेंद्र मोदी पर भी टिप्पणी की। 

रिटायरमेंट और उसके बाद के प्लान पर इंटरव्यू में मलिक ने कहा— अब चुनावी राजनीति में हिस्सा नहीं लूंगा लेकिन जन आंदोलनों से जुड़ा रहूंगा। किताबें लिखूंगा। राज्यपाल के रूप में 4 बार तबादला करने के बारे में अभी कुछ नहीं बोलूंगा। इस पर रिटायरमेंट के बाद बोलूंगा।
राज्यपाल रहते केंद्र सरकार पर सख्त टिप्पणी करने, बीजेपी के खिलाफ बोलते रहने और किसान आंदोलन का समर्थन करते रहने पर उन्होंने कहा कि मैंने उनके खिलाफ नहीं बोला। मैं तो उनके पक्ष की बात कर रहा था। आखिरकार उन्हें वही करना पड़ा। अगर पहले बात मान ली होतो किसान उनकी जय—जयकार करते।

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल रहते हुए सत्यपाल मलिक ने आरोप लगाया था कि उनको रिश्वत की पेशकश की गई। उस आरोप पर CBI जांच भी कर रही है। मलिक को भी जांच से गुजरना होगा। इस पर मलिक ने दो टूक कहा कि मैं पद छोडूंगा, तब CBI को सब बताऊंगा।