मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक भव्य ‘महाराणा प्रताप लोक’ बनाया जाएगा, जिसमें महाराणा प्रताप और उनके सात सहयोगियों का भी चित्रण किया जाएगा. साथ ही प्रदेश में महाराणा प्रताप बोर्ड का भी गठन किया जाएगा।

यह ऐलान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को भोपाल में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किया। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित 'शूरवीरों के प्राकट्य दिवस' कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीराम दरबार,  महाराणा प्रताप जी, महाराजा छत्रसाल जी एवं महारानी पद्मावती जी के चित्रों पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अप्रतिम शौर्य, स्वाभिमान, स्वतंत्रता के प्रतीक, एक वैभवशाली, गौरवशाली राष्ट्र के निर्माण के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की शौर्यता, वीरता की कहानियां आने वाली पीढ़ियां ढंग से पढ़ पाएं, इसलिए ये कहानियां पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाई जाएंगी।

CM शिवराज ने यह भी कहा कि हल्दी घाटी की पवित्र माटी आज भी परम प्रतापी महाराणा प्रताप जी की गौरव गाथा बताती है। मैं इस माटी को माथे से लगाकर यह वचन देता हूं कि इसका मान, सम्मान और शान कभी कम नहीं होने दूंगा। 
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज ने भोपाल की मनुआभान टेकरी पर महारानी पद्मावती की प्रतिमा का अनावरण किया।  यहाँ मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि भारत की शौर्य की प्रतीक, वीर राजमाता जिन्होंने स्वाभिमान और स्वधर्म की रक्षा के लिए अग्नि की लपटों में स्वयं को समर्पित कर दिया और एक ऐसा इतिहास रच दिया जिसकी दुनिया मे कोई मिसाल नहीं मिलती। उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूँ।  

मुख्यमंत्री शिवराज ने आगे कहा कि ये स्थान हम महारानी पद्मावती जी के स्मारक के रूप में विकसित कर रहे हैं, ताकि राजमाता महारानी पद्मावती से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लें और अपने धर्म, संस्कृति, परंपरा, जीवन मूल्यों को न भूलें। इस दौरान महाराणा प्रताप के वंशज महाराज कुमार डॉ लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ भी कार्यक्रम में  उपस्थित थे।