नोएडा के सेक्टर 93-ए स्थित ट्विन टावर भले ही ध्वस्त हो गया है लेकिन इन इमारतों को लेकर प्रतिदिन अलग-अलग चर्चाएं सामने आती रहती हैं। खबरें कुछ ऐसी थी, कि ट्वीन टावर के जमीन पर मलबा हटाने के बाद सुंदर पार्क का निर्माण होगा जबकि बिल्डर कंपनी सुपरटेक का इसके संबंध में कुछ और ही कहना है। वहीं रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है टावर की जगह पर अब यहां एक भव्य मंदिर बनाया जाएग।

सुप्रीम कोर्ट के पैसले के बाद अब ट्विन टावर धराशायी हो चुका है। उसके बाद वहां क्या बनाया जाएगा, इस बात को लेकर लोगों में तरह तरह के मतभेद हैं। ट्विन टावर की जमीन पर क्या निर्माण कार्य किया जाए और उस जमीन का उपयोग किस तरह से हो, इस पर आरडब्ल्यूए की मीटिंग शुरू हो चुकी है। मीटिंग में यह फैसला लिया गया है कि वहां पर एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। जहां पर रामलला और भोलेनाथ के साथ अन्य देवताओं की मूर्तियों को स्थापित किया जाएगा। साथ ही साथ बच्चों को खेलने के लिए एक बड़ा पार्क भी पर बनाया जाएगा। 

दरअसल, ट्वीन टावर बनाने वाली कंपनी सुपरटेक का कहना है कि गगनचुंबी इमारत की जमीन का इस्तेमाल आवासीय परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। इसके लिए सोसायटी में रहने वाले लोगों से सहमति भी ली जाएगी। उन्हें बस  नोएडा प्राधिकरण से मंजूरी मिलने का इंतजार है। यानि ट्विन टावर की जगह पर फिर से विशालकाय इमारत की नींव रखी जाएगी।

वहीं सोसायटी के लोगों ने ट्विन टावर्स की साइट पर एक पार्क बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। गौर करने वाली बात ये है कि इस जमीन पर किसी  भी निर्माण गतिविधियों को अंजाम देने से पहले बिल्डर को सोसायटी के दो तिहाई लोगों की सहमति लेनी जरूरी है।

बता दें कि ट्विन टावर वाली जमीन एमराल्ड प्रोजेक्ट का हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 28 अगस्त को ट्विन टावर को ध्वस्त कर दिया गया था। फिलहाल इसके मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है, जिसमें करीब चार महीने का समय लगने की उम्मीद है।