विशाल रजक, तेन्दूखेड़ा
नौरादेही अभ्यारण्य में लगातार जंगली जानवरों का कुनबा बढ़ता जा रहा है जो सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं अभ्यारण्य में अब 10 बाघ हो गए हैं इस कारण सैलानियों की भी आवाजाही बढ़ी है अभ्यारण्य का प्राकृतिक सौंदर्य और बाघों के परिवार को देखने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं तो वहीं नौरादेही अभ्यारण्य में शुरू हुई बाघ में वन कर्मियों को अन्य जानवरों की आबादी में इजाफ देखने को मिला है जिसमें तेंदुआ भालू सियार लकड़बग्घा भेड़िया बहुतायत में देखने को मिले हैं भालू की ज्यादा बाघिन संख्या देखने को मिली है सागर संभाग में पन्ना नेशनल पार्क बाद अब नौरादेही अभ्यारण्य भी इन जंगलों में शामिल हो गया है जहां पर बाघों को बसाया जा रहा है|
नौरादेही में आई खुशियों की लहर
प्रदेश के तीन जिले में सबसे बड़े नौरादेही अभ्यारण्य में बाघ की तीसरी पीढ़ी ने भी जन्म ले लिया है 18 अप्रैल 2018 में कान्हा से लाई गई जहरखुरानी राधा और बाधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाए बाघ किशन से जन्मीं दो बाधिनों से भी अब कुनबा आगे बढ़ना शुरू हो गया है बाघिन जन. 112 को 29 अप्रैल को दो शावकों के साथ कैमरे में कैद हुई है जहां बाघिन1 12 के साथ दो शावकों की पहली तस्वीरें सामने आते ही वन महकमे में खुशी की लहर दौड़ गई इसके पहले 6 नवंबर 2021 में बाघिन राधा ने दूसरी बार दो शावकों को जन्म दिया था वंशवृद्धि से बाघों का कुनबा बढ़कर 9 हो गया है एक की ओर दिखाई दे रहा है।
अन्य बाघ आसपास के टाइगर रिजर्व से आकर यहां पर बस गया है जो अब अभ्यारण्य में बाघों की संख्या 10 पर पहुंच गई है यह प्रदेश का सबसे बड़ा अभ्यारण्य है नौरादेही अभ्यारण्य पत्रा टाइगर रिजर्व तथा रातापानी अभ्यारण्य मे मध्य कॉरिडोर बनाता है वही कही से बाघ एन. 3 अभ्यारण्य में आकार बस गया है वह पिछले 1 साल से यहां विचरण कर रहा है नौरादेही में 18 अप्रैल 2018 को कान्हा नेशनल पार्क से बाघिन लाई गई थी एन. 1 का नामकरण राधा और दो महीने बाद बाधवगढ़ से लाए गए बाघ एन.2 का नाम किशन रखा गया था बाघिन राधा की दूसरी बेटी यानी एन.112 की बहन एन.111 से भी वंशवृद्धि की उम्मीद बढ़ गई है इसके प्रेग्नेंट होने की संभावना जताई जा रही है| वाइल्ड लाइफ से जुड़े जानकारों के अनुसार बाघिन 2 साल की आयु में मां का साथ छोड़ देती है और ३ साल की आयु में माँ बन सकती है वर्तमान में यहां 3 बाघिन इस आयु को पार कर चुकी है| बाघिन राधा से 6 महीने पहले और एन.112 से हाल ही में जन्में 2 शावकों में से एक एक बाघिन होने का अनुमान है| इस तरह बाघिन की संख्या 5 तक पहुंच सकती है| यहां इतने ही बाघ है नौरादेही अभ्यारण में बाघों की वंश वृद्धि का क्रम चलता रहा तो उसाल में संख्या 25 तक पहुंचेगी।
अभयारण्य का बढ़ा क्षेत्रफल पहाड़ गुफाएं नदी पोखर घास के मैदान पेड वनस्पति और शाकाहारी वन्यजीवों की अच्छी खासी तादाद के कारण यहा बाघ शिफ्टिंग प्रोजेक्ट सफलता मिली है|