अग्निवीरों की भर्ती के लिए इंडियन एयरफोर्स ने अपनी गाइडलाइन जारी कर दी है। सबसे पहले तीनों सेनाओं में एयरफोर्स ने ही गाइडलाइन जारी की। इसके अनुसार अग्निवीर एयरफोर्स में चार साल बाद ही जॉब छोड़ सकेंगे, उन्हें यहां अपनी चार साल की नौकरी पूरी करनी होगी। इससे पहले वे एयरफोर्स नहीं छोड़ सकेंगे। ऐसा करने के लिए भी उन्हें अपने अधिकारी की सहमति भी लेनी होगी।
अग्निवीरों की भर्ती को लेकर सबसे बड़ा पेंच छुट्टी और इसके साथ ही अवार्ड का भी था। अब एयरफोर्स ने साफ किया है कि अग्निवीर सभी सैन्य सम्मान और पुरस्कार के हकदार होंगे। इन्हें साल में 30 दिन की छुट्टी भी दी जाएगी। इसके अलावा बीमार होने पर अग्निवीरों को डॉक्टर की सलाह पर सिक लीव भी मिलेगी।
इस संबंध में एयरफोर्स ने सात पेज की गाइडलाइन जारी की है.इससे पहले युवाओं का गुस्सा शांत करने की कोशिश कर रही सरकार ने आरक्षण का भी ऐलान किया था। शनिवार सुबह गृह मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए CAPFs यानि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और असम राइफल्स में भर्ती के लिए 10% आरक्षण देने का फैसला लिया था। इन्हें आयुसीमा में भी 3 से 5 साल की राहत देने का ऐलान किया गया था।
इसके बाद शनिवार को ही शाम को रक्षा मंत्रालय ने भी अग्निपथ स्कीम के खिलाफ युवाओं के गुस्से को ठंडा करने के लिए पहल की. इसके लिए अग्निवीरों को रक्षा मंत्रालय में होने वाली भर्तियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया गया। रक्षा मंत्रालय के इंडियन कोस्ट गार्ड और डिफेंस सिविलियन पोस्ट में नियुक्तियों में ये आरक्षण मिलेगा। इसके साथ डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग की 16 कंपनियों में भी यह सुविधा दी जाएगी.