भोपाल,

इसकी वजह यह कि चार में से सिर्फ एक लिफ्ट ही चालू है। यहां के कुछ डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मचारी भी ऊपरी मंजिलों पर आने जाने के लिए रैंप का उपयोग कर रहे हैं। इसकी वजह यह कि उन्हें इस बात का डर है कि मरीजों के साथ लिफ्ट में आने-जाने से कहीं वह संक्रामक बीमारियों का शिकार न हो जाएं। यह भवन 11 मंजिल है। एक बार लिफ्ट ऊपर की मंजिल तक जाती है तो नोचे आने में पांच से सात मिनट लग जाते हैं। इससे मरीज, उनके स्वजन और स्टाफ सभी का समय बेकार जाता है। भवन को ऊंचाई और जरूरत के अनुसार ही यहां पर चार लिफ्ट लगाई गई हैं। 

17 मई के बाद नए भवन में शिफ्ट होगा सुल्तानिया

सुल्तानिया अस्पताल को 17 मई के बाद हमीदिया अस्पताल के नए भवन के ब्लाक-ए में शिफ्ट किया जाएगा। शिफ्टिंग में करीब एक हफ्ते लगेंगे।17 मई को लक्ष्य प्रमाणीकरण के लिए केंद्रीय मूल्यांकन टीम सुल्तानिया अस्पताल आ रही है। अस्पताल की अधूरी शिफ्टिंग के दौरान टीम आ जाती तो मूल्यांकन में नंबर कम हो सकते थे, इसलिए यह काम 17 मई के बाद करने का निर्णय लिया गया है। सुल्तानिया अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग के 235 बिस्तर हैं, जबकि हमीदिया परिसर में आने के बाद 300 हो जाएंगे।