भोपाल. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के डीएफओ अनुराग कुमार की प्रताड़ना से त्रस्त एक वनरक्षक की हृदयाघात से बीते रोज मौत हो गई. डीएफओ की प्रताड़ना से छतरपुर जिले के वन अमले में इस कदर आक्रोश व्याप्त है कि सभी डिप्टी रेंजरों और मातहत कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश ले लिया है.



सामूहिक अवकाश में उन तमाम रेंज ऑफिसर शामिल नहीं हुए जिन पर कथित भ्रष्टाचार में लिप्त है. अवकाश लेने वाले वन अमले का आरोप है कि छतरपुर डीएफओ अवैध धन उगाही के मकसद से उन्हें अपनी पदस्थापना के बाद से लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं. सनद रहे इसके पहले भी छतरपुर जिले के तमाम रेंज ऑफिसर डीएफओ पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर प्रदर्शन करते हुए छतरपुर वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक को ज्ञापन दे चुके हैं रेंज  ऑफिसरो का इल्जाम था कि डीएफओ उन्हें आकारण प्रताड़ित कर रहे हैं. यह अलग बात है कि  निष्क्रिय मुख्य वन संरक्षक ने रेंजरों की शिकायत पर कोई भी कार्यवाही नहीं की. बाद में प्रताड़ित रेंज ऑफ़सरो ने डीएफओ से समझौता कर लिया था. अवकाश पर गए  कर्मचारियों का कहना है कि वे डीएफओ के तबादले तक काम पर नहीं लौटेंगे.

 डीएफओ पर लग रहे चैनलिंक खरीदी में गड़बड़ी के आरोप
 छतरपुर डीएफओ अनुराग कुमार पर जमीन खरीदी में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. यह आरोप भी एक अधिकारी की जांच रिपोर्ट आने के बाद लग रहे हैं. जांचकर्ता अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट पीसीसी मुख्यालय को भेज दी है. मुख्यालय अभी जांच रिपोर्ट पर अध्ययन कर रहा है.