भोपाल. छतरपुर के डीएफओ अनुराग कुमार की प्रताड़ना से हुई बीट गार्ड संतोष रैकवार के निधन के बाद सामूहिक अवकाश पर गए वन कर्मचारियों ने जांच अधिकारी एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक महेंद्र सिंह धाकड़ के आश्वासन के बाद अपना आंदोलन वापस ले लिया है. अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक महेंद्र सिंह धाकड़ ने शाम 4:00 बजे तक कर्मचारियों की पीड़ा सुनने के बाद डीएफओ अनुराग कुमार को छतरपुर से हटाने का आश्वासन देकर भोपाल लौट आए हैं.
हार्ट अटैक से हुई बीट गार्ड संतोष रैकवार के निधन और उसकी अंत्येष्टि के लिए डिपो से लकड़ी देने से इनकार के बाद छतरपुर वन मंडल के सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए. आंदोलन के चलते छतरपुर डीएफओ अनुराग कुमार भी 3 फरवरी से अवकाश पर चले गए. मामले को गंभीरता से लेते हुए वन बल प्रमुख आरके गुप्ता तत्काल एक्शन मोड में आए. गुप्ता ने भोपाल से अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रशासन-दो महेंद्र सिंह धाकड़ को भोपाल से जांच के लिए भेजा.
धाकड़ शनिवार को छतरपुर पहुंचकर करीब ढाई सौ वन कर्मचारियों से वन-टू- वन बातचीत की. बातचीत के दौरान वन कर्मचारियों ने जांच अधिकारी धाकड़ के समक्ष एक ही प्रस्ताव रखा कि जब तक डीएफओ अनुराग कुमार को हटाया नहीं जाएगा तब तक पूरे आंदोलन वापस नहीं लेंगे. कर्मचारियों के दबाव में धाकड़ ने अनुराग कुमार को छतरपुर से हटाने का आश्वासन दे दिया. इसके साथ ही जब तक छतरपुर डीएफओ के नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक पन्ना दक्षिण डीएफओ पुनीत सोनकर को छतरपुर डीएफओ का प्रभार दे दिया. धाकड़ के इस घोषणा के साथ ही कर्मचारियों ने अपने आंदोलन को वापस लेने की घोषणा भी कर दी.