वजन कम होने का मुख्य कारण यह है कि ऊर्जा की आवश्यकताओं की पूर्ति ऊर्जा उत्पादक तत्वों की वर्तमान मात्रा से पूर्ण रूप से नहीं हो पा रही है। अत्यंत क्रियाशील, तनावयुक्त, शीघ्र घबराने के स्वभाव वाले तथा जो अत्यन्त कम विश्राम करते है, ऐसे व्यक्तियों का वजन आदर्श वजन' से कम होता है।
नियमित भोजन की आदतें व खाने के समय, खाद्य पदार्थों के चुनाव में असंतुलन, कम कैलोरी युक्त भोजन का सेवन आदि से भी वजन कम रहता है। मनोवैज्ञानिक कारणों से भी व्यक्ति खाने से इन्कार कर सकता है जो अत्यधिक चिन्ता करते हैं उन्हें भूख नहीं लगती है। दीर्घकालीन (Chronic ) ज्वर की स्थिति में भी वजन घटने लगता है।
पाचन संस्थान की अव्यवस्था के कारण भी वजन घट जाता है- जी मिचलाना, उल्टी होना, दस्त होना आदि के कारण भी भोजन का सेवन सीमित हो जाता है। थायराइड ग्रंथियों से निकलने वाले रस के अधिक स्राव के कारण भी व्यक्ति दुबला हो जाता है क्योंकि उस स्थिति में शारीरिक उपापचयात्मक क्रिया की गति बढ़ जाती है।
वजन बढ़ाने के लिए आहार में परिवर्तन लाना चाहिए। पर्याप्त कैलोरी के सेवन के कारणों की पहले जांच करना आवश्यक होता है तथा यथासंभव उन्हें दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। वजन बढ़ाने के लिए उच्च कैलोरी युक्त भोजन का सेवन आवश्यक है।
ऊर्जा प्रतिदिन की कैलोरी की मात्रा के साथ 500 अतिरिक्त कैलोरी लेने पर एक सप्ताह के पश्चात् एक पौंड वजन बढ़ सकता है। साधारण क्रियाशील व्यक्तियों के लिए प्रतिदिन 3000-3500 कैलोरी के सेवन से वजन बढ़ सकता है ज्वर की स्थिति में इससे उच्च कैलोरी का सेवन प्रावश्यक हो जाता है
प्रोटीन शारीरिक प्रोटीन तथा वसा के निर्माण के लिए प्रतिदिन 100 ग्राम प्रोटीन लेना प्रत्यावश्यक होता है। कभी-कभी 100 ग्राम से भी अधिक लेना पड़ जाता है।
विटामिन तथा खनिज -दुबले व कुपोषित व्यक्तियों में इन दोनों की कमी पाई जाती है। कैलोरी युक्त भोजन में इन दोनों की पूर्ति पर्याप्त मात्रा में जाती है। पोषक तत्वों को गोलियों के रूप में भी दिए जा सकता है।