महाराष्ट्र में भारी बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा से राज्य में अब तक 105 लोगों की मौत हो चुकी है। भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र के कुल 28 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।

इसमें पुणे, सतारा, नासिक, सोलापुर, जलगांव, अहमदनगर, बीड, लातूर, वाशिम, यवतमाल, धुले, जालना, अकोला, बुलढाणा, भंडारा, नागपुर, नंदुरबार, मुंबई उपनगर, पालघर, ठाणे, नांदेड़, अमरावती, वर्धा, रत्नागिरी शामिल हैं। साथ ही सिंधुदुर्ग, गढ़चिरौली, सांगली, चंद्रपुर जिले शामिल हैं।

इन जिलों में 1 जून, 2022 से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। राज्य के इन हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान औसतन 24.6 मिमी बारिश हुई है। बारिश और बाढ़ के कारण हुई घटनाओं में सात लोग लापता हैं और 69 लोग घायल हुए हैं। महाराष्ट्र में कुल 275 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में बारिश से अब तक विभिन्न जिलों में 44 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं, 1368 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 11,836 लोगों को निकाला जा चुका है। करीब 189 जानवरों की मौत हो चुकी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में 73 बाढ़ राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। केंद्र की ओर से एनडीआरएफ की 12 टीमों को राज्य में राहत और बचाव कार्य के लिए भेजा गया है। इनमें एनडीआरएफ की 2-2 टीमें ठाणे, रत्नागिरी, कोल्हापुर, मुंबई में बचाव कार्य में लगी हुई हैं। एनडीआरएफ की 1-1 टीमें पालघर, सतारा, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग में हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन बल की चार टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। इनमें एसडीआरएफ की 2 टीमें वर्धा में, 1-1 टीम नांदेड़ और गढ़चिरौली में बचाव कार्य में लगी हुई है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी एक रिपोर्ट में बारिश, बिजली गिरने, भूस्खलन और पेड़ गिरने से करीब 105 लोगों की मौत हुई है। दक्षिण मुंबई में कोलाबा वेधशाला में 12.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सांताक्रूज वेधशाला ने पिछले 24 घंटों में 23.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।