मध्य प्रदेश
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का सोशल मीडिया पर बयान
हिजाब विवाद: मप्र के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के गृह जिला (दतिया) के पीजी कॉलेज में अब हिजाब पर प्रतिबंध को लेकर देश और प्रदेश में हिजाब को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. बता दें, दतिया के पीजी कॉलेज की दो लड़कियां जब हिजाब पहनकर कॉलेज पहुंचीं तो हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया तो कॉलेज प्रबंधन ने नोटिस जारी कर हिजाब पर रोक लगा दी.
जानिए पूरा मामला:
मिली जानकारी के अनुसार दतिया जिले के पीजी कॉलेज में कल एक युवती बुर्का पहने नजर आई जिसका वीडियो सोशल मीडिया और कॉलेज के विभिन्न गुटों में वायरल हो गया. इसके बाद हिंदुत्ववादी संगठनों के कुछ लोग कॉलेज के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे. मामला जब कॉलेज प्रबंधन के संज्ञान में आया तो कॉलेज के प्राचार्य ने आदेश जारी किया कि जो कोई भी कॉलेज में प्रवेश करे वह अच्छे कपड़े पहनकर आए और बुर्का में न आए.
#Hijab Row: Now in Datia, #MadhyaPradesh, people of Hindu organization,raised slogans of “Jai Shri Ram” in front of Muslim girls wearing #hijab in PG College pic.twitter.com/y9e523EhOq
— THE HINDUSTAN GAZETTE (@THGEnglish) February 15, 2022
गृह मंत्री मिश्रा ने दी सफाई
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के गृह जिले दतिया के एक कॉलेज में हिजाब को लेकर हुए विवाद के बाद डॉ. मिश्रा ने ट्वीट किया कि दतिया के पीजी कॉलेज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दतिया कलेक्टर को प्राचार्य द्वारा जारी आदेश की जांच के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि हिजाब पर प्रतिबंध को लेकर सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, इसलिए कोई भ्रम न फैलाएं.
आपको बता दें कि इन दिनों हिजाब को लेकर काफी विवाद है. इस विवाद को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ''राज्य में हिजाब को लेकर कोई विवाद नहीं है और मध्य प्रदेश में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। ये कर्नाटक का मामला है, ये भी कोर्ट में पेंडिंग है.”
दतिया के पीजी कॉलेज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रिंसिपल द्वारा निकाले गए आदेश की जांच के लिए दतिया कलेक्टर को निर्देशित किया है।
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) February 15, 2022
प्रदेश सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है #Hijab पर बैन को लेकर सरकार के पास कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है इसलिए कोई भ्रम ना फैलाएं। pic.twitter.com/i6S1EOnlrk