Amit Shah visit to Bhopal : अमित शाह के इस विजिट को काफी अहम माना जा रहा है. इससे पहले आदिवासियों(ट्राईबल्स) को साधने के लिए उसी जंबूरी मैदान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर महीने में आदिवासी गौरव दिवस में शामिल हुए थे. मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं. 2013 में हुए असेंबली इलेक्शन में 47 में से बीजेपी को 32 सीटों पर जीत मिली थी जबकि कांग्रेस को केवल 15 सीट मिली थीं. 2018 में हुए असेंबली इलेक्शन में ये आंकड़ा पलट गया और बीजेपी के खाते में 16 सीट रह गई जबकि कांग्रेस को 30 सीट मिली थीं. बीजेपी अब इस गैप को भरने की कवायद में जुटी है.
भोपाल. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 22 अप्रैल को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आ रहे हैं. उनके भोपाल विजिट के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज़ हैं. भोपाल में अमित शाह करीब 6 घंटे तक रुकेंगे. इस दौरान वो केंद्रीय पुलिस अकादमी में अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही जंबूरी मैदान में तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितग्राही सम्मेलन में शामिल होंगे.
अमित शाह इस दौरान भोपाल को एक बड़ी सौगात भी देंगे. जंबूरी मैदान से ही अमित शाह भोपाल में बनने वाली नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का ई भूमिपूजन करेंगे. तय कार्यक्रम के मुताबिक वो सीएम हाउस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ लंच करेंगे. शाम साढ़े चार बजे वो भोपाल से दिल्ली रवाना हो जाएंगे.
आदिवासी सीटों पर नज़र
अमित शाह के इस विजिट को काफी अहम माना जा रहा है. इससे पहले आदिवासियों(ट्राईबल्स) को साधने के लिए उसी जंबूरी मैदान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर महीने में आदिवासी गौरव दिवस में शामिल हुए थे. मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं. 2013 में हुए असेंबली इलेक्शन में 47 में से बीजेपी को 32 सीटों पर जीत मिली थी जबकि कांग्रेस को केवल 15 सीट मिली थीं. 2018 में हुए असेंबली इलेक्शन में ये आंकड़ा पलट गया और बीजेपी के खाते में 16 सीट रह गई जबकि कांग्रेस को 30 सीट मिली थीं. बीजेपी अब इस गैप को भरने की कवायद में जुटी है.