भोपाल: राज्य सरकार ने होम्योपैथी डाक्टरों के पंजीयन की फीस में वृध्दि कर दी है तथा विदेश में पढक़र होम्योपैथी डाक्टर बने लोगों के लिये भी पंजीयन देने की व्यवस्था कर दी है। इसके लिये तेरहल साल पहले बने मप्र होम्योपैथी परिषद रजिस्टर का प्रकाशन तथा अपील नियम 2009 में बदलाव कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में आयुष विभाग के अंतर्गत मप्र होम्योपैथी परिषद इस विधा के डाक्टरों को पंजीयन प्रदान करती है तथा पंजीयन होने के बाद ही चिकित्सा व्यवसाय किया जा सकता है। नये बदलाव के तहत, अब पंजीयन फीस 4500 रुपये होगी जबकि अस्थाई पंजीयन की फीस 3500 रुपये होगी। दोनासें प्रकार के पंजीयन में विलम्ब फीस अब 300 रुपये प्रति माह अधिकतम 1500 रुपये रहेगी।

इसके अलावा योग्यता में अतिरिक्त प्रविष्टि के लिये 2 हजार रुपये देने होंगे तथा इतनी ही राशि रजिस्ट्रीकरण की द्वितीय प्रति प्राप्त करने के लिये लगेगी। उपनाम या पते में परिवर्तन हेतु 1 हजार रुपये, सत्यापन हेतु 1500 रुपये, अपील हेतु 1 हजार रुपये, नाम प्रत्यावर्तन हेतु 1500 रुपये तथा पांच साल बाद पंजीयन के नवीनीकरण की फीस एवं विलम्ब शुल्क 200 रुपये प्रतिमाह अधिकतम 1 हजार रुपये होगी। इसी प्रकार, अब राज्य रजिस्टर की मुदित सूची 4 हजार रुपये में तथा इसकी साफ्ट कॉपी एक हजार रुपये में मिलेगी।

नई सुविधा दी :

राज्य सरकार ने बदलाव में एक नई सुविधा यह दे दी है कि यदि व्यक्ति विदेश में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से होम्योपैथी पढ़ा है तो उसे भी मप्र में चिकित्सा व्यवसाय करने के लिये 7500 रुपये फीस लेकर पंजीयन प्रदान कर दिया जायेगा।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि होम्योपैथी डाक्टरों के लिये पंजीयन की फीस रिवाईस की गई है। अभी जिस राज्य में चिकित्सा व्यवसाय किया जा रहा है वहां का पंजीयन लेना होता है परन्तु जल्द ही केंद्र सरकार एक ही पंजीयन में देश के किसी भी राज्य में चिकित्सा व्यवसाय करने की व्यवस्था करने जा रहा है तथा इसके लिये हमसे पंजीकृत होम्योपैथी डाक्टरों का साफ्ट डाटा मांगा गया है।