हनीट्रैप-ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज मामले से ओडिशा में सियासी सुनामी आ गई है। इस मामले में सत्ताधारी बीजद के कई नेताओं-मंत्रियों के अलावा विपक्ष नाम बड़े नाम भी शामिल होने के आरोप सामने आ रहे हैं। इस केस में नवीन पटनायक सरकार घिरी हुई नज़र आ रही है और विपक्षी दल पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग कर रहे हैं।  

दरअसल मामले का खुलासा बीते महीने हुआ था।  इस पूरे केस के केंद्र में जो युवती है उसका नाम अर्चना नाग है। कहा जा रहा है कि अर्चना ने हाई प्रोफाइल लोगों को सेक्स के जाल में फंसाया और चोरी छुपे इसका वीडियो भी बनाये फिर उन सभी हाई प्रोफाइल पुरुषों को ब्लैकमेल करके करोड़ों रुपए कमाए। पुलिस ने अर्चना नाग को गिरफ्तार किया है। अर्चना के हनीट्रैप में कई बीजद नेता और मंत्रियों के शामिल होने का दावा विपक्ष के नेता कर रहे हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा है कि सत्तारूढ़ बीजद और विपक्षी भाजपा के लगभग 20 नेताओं के अलावा, प्रमुख व्यवसायियों, फिल्म निर्माताओं और रियल एस्टेट टाइकून को इस महिला ने हनी ट्रैप में फंसाया था। कहा जा रहा है कि अमीर ग्राहकों को लुभाने के लिए लगभग 20 हाई-प्रोफाइल कॉल गर्ल को अर्चना नाग ने काम पर रखा है।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब अर्चना ने महिला ने उड़िया फिल्म निर्माता अक्षय परीजा के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। अर्चना ने आरोप लगाए थे कि परिजा ने फिल्म में रोल दिलाने के नाम पर उनका यौन उत्पीड़न किया है। इसके बाद फिल्म निर्माता की तरफ से अर्चना नाग और उसकी सहयोगी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। उन्होंने आरोप लगाए कि अश्लील तस्वीरों के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है और पैसों की मांग की जा रही है।

अर्चना की गिरफ्तारी के बाद एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि अर्चना ने उसे ड्रिंक में नशीला मिलाकर दिया है, जिसके बाद अर्चना ने उसकी अश्लील तस्वीरें ली। महिला ने आरोप लगाए कि अर्चना उसे कारोबारियों और रजनेताओं समेत प्रभावशाली लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए कहती है।

इधर इस मामले को लेकर सियासी तूफ़ान खड़ा हो गया है। भाजपा महिला मोर्चा की ओडिशा अध्यक्ष स्मृति पटनायक का आरोप है कि पुलिस ने जल्दबाजी में अर्चना नाग को अरेस्ट किया है। कई बीजद नेता और मंत्री और राज्य सरकार सीधे तौर पर शामिल है। इस मामले में पुलिस द्वारा बरामद किए गए गैजेट्स से बीजद नेताओं, मंत्रियों, पुलिस और नौकरशाहों से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग उठाई जा रही है।