मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों से मंगलवार (11 जुलाई ) को वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए संवाद किया। इस मौके पर CM शिवराज ने जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, सरपंच, उप-सरपंच एवं पंच के मानदेय में 3 गुना वृद्धि का ऐलान किया।
सीएम शिवराज ने आगे कहा कि प्रदेश की 705 निर्विरोध निर्वाचित पंचायतों के लिए हमने अलग-अलग मापदंडों के अनुसार लगभग 55 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि घोषित की थी, पिछले हफ्ते राशि जारी करने के आदेश हमने दे दिए हैं।
इस मौके पर सीएम शिवराज ने मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना अंतर्गत प्रदेश के 26 हजार 150 श्रमिकों के खातों में 583.36 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की और श्रमिकों को शुभकामनाएं दीं।
सीएम शिवराज ने कि बेटा-बेटी को जन्म देने पर हम श्रमिक बहन को ₹16 हजार की राशि देते हैं, ताकि बहन आराम कर सके, उसे ठीक पोषण मिले और बच्चों का पालन-पोषण भी अच्छी तरह से हो सके। और यही है संबल योजना के जन्म की कहानी... संबल योजना में हमने संकट के सभी क्षणों में श्रमिकों के परिवारों को सहारा देने की कोशिश की है।
हमारी सरकार गरीबों की सरकार है। गरीबों की जिंदगी बदलने वाली हमारी कई योजनाओं को बंद करने का पाप कांग्रेस की सरकार ने किया था। पंचायती राज भारत की माटी में है, भारत की जड़ों में है। पंच और सरपंच तो एक जमाने में परमेश्वर माने जाते थे।
सीएम शिवराज ने बताया कि प्रदेश की बहनों के लिए 25 जुलाई से लाड़ली बहना योजना में 2 नए मापदंड जोड़े जा रहे हैं, जिनमें 21 साल की विवाहित बेटियां और 5 एकड़ से कम जमीन के ट्रैक्टर वाले परिवार सम्मिलित हैं।