IAF ने राजस्थान के जैसलमेर में पोखरण रेंज में 7 मार्च को होने वाले वायु शक्ति अभ्यास को स्थगित कर दिया है। यह जानकारी शनिवार को एक अधिकारी ने दी है। मिली जानकारी के मुताबिक इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होने वाले थे। पोखरण में आयोजित इस अभ्यास में 148 विमानों को अपना युद्ध कौशल दिखाना था। हर तीन साल में, भारतीय वायु सेना (IAF) राजस्थान के पोखरण की रेगिस्तानी रेत में अपनी ताकत का प्रदर्शन करती है। भारतीय वायु सेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है। जानकारी के अनुसार, यह राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाला पहला अभ्यास होने वाला था।

वहीं, वायु सेना (IAF) को 1.5 से 3 किमी के रेगिस्तानी हिस्से के 120 डिग्री स्वीप में उड़ान के दौरान निर्धारित लक्ष्यों को हिट करना था। अन्य पारंपरिक लक्ष्यों में बारूद के ढेर, टैंक बेड़े, पुल, वाहन और हवाई शामिल हैं। यह आयोजन आखिरी बार 2019 में आयोजित किया गया था। अभ्यास में 148 विमानों को हिस्सा लेना था। 109 लड़ाकू विमान, 24 हेलीकॉप्टर बनने थे। वहीं 'एयरफोर्स मैच-2022' में जगुआर लड़ाकू विमान, सुखोई-30 लड़ाकू विमान, मिग-29 लड़ाकू विमान, तेजस लड़ाकू विमान समेत अन्य विमानों को अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना था।

भारतीय वायुसेना की नजर फ्रांस के राफेल, मिराज 2000, स्वदेशी एलसीए तेजस, रूसी मिग-29 और सुखोई 30, जगुआर और मिग-21 पर भी थी। इस युद्धाभ्यास के दौरान आकाश मिसाइल सिस्टम और स्पाइडर मिसाइल सिस्टम भी अपनी क्षमता दिखाने वाले थे। इसके अलावा चिनूक हेलीकॉप्टर 'अंडरस्लैंग' ऑपरेशन में एम-777 हॉवित्जर उड़ाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने वाला था और अपाचे हेलीकॉप्टर को अपने मिसाइल रॉकेट से अपनी ताकत का प्रदर्शन करना था।

पाकिस्तान का नापाक कदम : 

शनिवार को सीमा पार पाकिस्तान की एक और साजिश का खुलासा हुआ है। ड्रोन को बीती रात राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास देखा गया, जिसके बाद सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने ड्रोन पर करीब 18 राउंड फायरिंग की। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि ड्रोन को कल रात श्रीगंगानगर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र के पास देखा गया। बीएसएफ जवानों की करीब 18 राउंड फायरिंग के बाद ड्रोन वापस लौटा। इस संबंध में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।