भोपाल: 87 बैच के आईएफएस अधिकारी पदोन्नति को लेकर 3 साल से संघर्षरत हैं. पदोन्नति नहीं मिलने से दुखी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अजीत श्रीवास्तव ने प्रमुख सचिव कार्मिक विभाग दीप्ति गौड़ मुखर्जी को एक पत्र लिखा है. अपने पत्र में श्रीवास्तव ने लिखा है कि आई एफ एस अधिकारी के भाग्य के निर्णय करता आईएएस अधिकारी होते हैं. जब वे ही सर्वोच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे तो न्याय कहां से मिलेगा?

अजीत श्रीवास्तव के  बैच के सभी साथी प्रधान मुख्य वन संरक्षक के स्तर पर प्रमोट हो गए हैं किंतु वे आज भी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदस्थ हैं. दिलचस्प पहलू यह है कि वे अपने बैच के ही अधिकारी के अधीनस्थ कार्यरत हैं. अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण) अजीत श्रीवास्तव  प्रमुख सचिव कार्मिक दीप्ति गौड़ मुखर्जी को लिखे पत्र में ले किया है कि उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कैट ने 13 जनवरी 22 को  बंद पदोन्नति के लिफाफे को खोलने का फैसला सुनाया. इस फैसले की समय-सीमा 10 मार्च 22 को समाप्त होने के 4 सप्ताह बाद कैट के फैसले पर शासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई. 

कैट के फैसले पर शासन ने की अपील-

87 बैच के अजीत श्रीवास्तव कैट के फैसले को अमल कराने के लिए लिखा-पढ़ी की. नतीजा यह हुआ कि कैट के फैसले पर अपील करने की समय-सीमा बीत जाने के बाद 30 मार्च 22 को विभाग ने उच्च न्यायालय में अपील की है. वन विभाग की अपील पर न्यायालय ने  7 अप्रैल प्रथम सुनवाई की किंतु कोई स्थगन नहीं दिया.

एपीसीसीएफ श्रीवास्तव ने प्रमुख सचिव जीएडी से कहा है कि केवल अपील की आड़ लेकर वर्तमान न्यायालय के फैसले का पालन नहीं किया जाना, राज्य शासन का अपने ही शासकीय सेवक के प्रति घोर अन्याय है. श्रीवास्तव ने अपने पत्र में यहां तक लिखा है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव द्वारा न्यायालय के फैसले का पालन नहीं किए जाने से यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय का सम्मान किस स्तर पर नहीं किया जा रहा है.

5 वर्षों से नहीं मिला सीएम से समय-

प्रमुख सचिव जीएडी को लिखे पत्र में श्रीवास्तव ने लिखा है कि आईएफएस अधिकारी होने के नाते अपने विभाग के मंत्री से मिलकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकता हूं. 5 वर्षों से लगातार मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांग रहा हूं किंतु अभी तक समय नहीं मिला. मैं मुख्यमंत्री से मिलकर मेरे विरुद्ध की गई कार्रवाई और न्यायालय के फैसले को लेकर वस्तु स्थिति से अवगत कराना चाहता हूं. इसी प्रकार 2 वर्षों से मुख्य सचिव से भी अपॉइंटमेंट मांग रहा हूं किंतु वहां से भी निराशा हाथ लगी.