पीएम मोदी ने वित्त मंत्रालय की तरफ से सोमवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और बताया कि कैसे उनकी सरकार के कदमों ने उद्यमियों के लिए राह आसान बनाई है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मंत्रालय ने अपने कार्यों के द्वारा, सही समय पर सही निर्णयों के द्वारा अपनी एक legacy बनाई है, एक बेहतरीन सफर तय किया है। आप सभी इस विरासत का हिस्सा हैं।

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उन्होंने कहा, देश के आम जन के जीवन को आसान बनाना हो, या देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करना हो, बीते 75 वर्षों में अनेक साथियों ने इसमें बहुत योगदान दिया है। आज यहां रुपये की गौरवशाली यात्रा को भी दिखाया गया। इस सफर से परिचित कराने वाली डिजिटल प्रदर्शनी भी शुरू हुई और आजादी के अमृत महोत्सव के लिए समर्पित नए सिक्के भी जारी हुए। ये नए सिक्के देश के लोगों को निरंतर अमृतकाल के लक्ष्य याद दिलाएंगे और उन्हें राष्ट्र के विकास में योगदान के लिए प्रेरित करेंगे।

पीएम मोदी बोले, आजादी के लंबे संघर्ष में जिसने भी हिस्सा लिया, उसने इस आंदोलन में नए Dimension को जोड़ा। भारत ने भी बीते आठ वर्षों में अलग-अलग आयामों पर काम किया है। इस दौरान देश में जो जनभागीदारी बढ़ी, उन्होंने देश के विकास को गति दी है, देश के गरीब से गरीब नागरिक को सशक्त किया है। 

केंद्रीय योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, "स्वच्छ भारत अभियान" ने गरीब को सम्मान से जीने का अवसर दिया। पक्के घर, बिजली, गैस, पानी, मुफ्त इलाज जैसी सुविधाओं ने गरीब की गरिमा बढ़ाई, सुविधा बढ़ाई। कोरोना काल में "मुफ्त राशन की योजना" ने 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को भूख की आशंका से मुक्ति दिलाई।

पीएम मोदी ने कहा, देश की आधी आबादी, जो देश के विकास के विमर्श से, औपचारिक सिस्टम से वंचित थी। उसका समावेश हमने मिशन मोड़ में किया। वित्तीय समावेशन का इतना बड़ा काम, इतने कम समय में दुनिया में कहीं नहीं हुआ है। सबसे बड़ी बाद देश के लोगों में अभाव से बाहर निकलकर सपनें देखने और उन्हें साकार करने का नया हौंसला हमें देखने को मिला। 

उन्होंने बताया कि आज 21वीं सदी का भारत लोग-केंद्रित शासन एप्रोच के साथ आगे बढ़ा है। ये जनता ही है जिसने हमें अपनी सेवा के लिए यहां भेजा है।इसलिए ये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि हम जनता तक स्वयं पहुंचे। ये जनता ही है जिसने अपनी सेवा के लिए हमें यहां भेजा है। इसलिए हमारी ये सर्वोच्च प्राथमिकता है कि हम खुद जनता तक पहुंचे। हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना, उसे पूरा लाभ पहुंचाना ये दायित्व हम पर है।

पीएम मोदी के अनुसार, अलग-अलग मंत्रालयों के अलग-अलग वेबसाइटों के चक्कर उसे लगाने से बेहतर कि वो भारत सरकार के एक पोर्टल तक पहुंचे, और उसकी समस्या का समाधान हो। आज 'जन समर्थ पोर्टल' लांच किया गया है वो इसी लक्ष्य के साथ बढ़ाया गया है। 

उन्होंने बताया कि बीते आठ वर्षों में देश ने जो सुधार किए हैं, उनमें बड़ी प्राथमिकता इस बात को भी दी गई है कि हमारे देश के युवाओं को अपना सामर्थ्य दिखाने का पूरा मौका मिले। हमारे युवा अपनी मनचाही कंपनी आसानी से खोल पाएं, वो अपने उद्यम आसानी से बना पाएं, उन्हें आसानी से चला पाएं। इसलिए 30,000 से ज्यादा Compliances को कम करके, 1500 से ज्यादा कानूनों को समाप्त करके,कंपनीज एक्ट के अनेक प्रावधानों को Decriminalize करके, हमने ये सुनिश्चित किया है कि भारत की कंपनियां न सिर्फ आगे बढ़ें बल्कि नई ऊंचाई प्राप्त करें। 

मोदी बोले, Reforms- यानि सुधार के साथ ही हमने जिस बात पर फोकस किया, वो है सरलीकरण, Simplification। केंद्र और राज्य के अनेक टैक्सों के जाल की जगह अब GST ने ले ली है। इस Simplification का नतीजा भी देश देख रहा है। अब हर महीने GST कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए के पार जाना सामान्य बात हो गई है।

दुनिया के एक बड़े हिस्से को भारत से समस्याओं के समाधान की अपेक्षा है। ये इसलिए संभव हो पा रहा है क्योंकि बीते 8 सालों में हमने सामान्य भारतीय के विवेक पर भरोसा किया। हमने जनता को वृद्धि में बुद्धिमान प्रतिभागी के रूप में प्रोत्साहित किया।