केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के कई राज्यों में विरोध के बीच भाजपा सांसद वरुण गांधी बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि अगर अग्निवीर पेंशन के हकदार नहीं है तो मैं भी अपनी पेंशन छोड़ने को तैयार हूँ। वरुण गांधी के इस ऐलान के बाद सरकार ही नहीं जनप्रतिनिधियों पर भी बड़ा दबाव बनेगा।
वरुण गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट किया -
अग्निवीर पेंशन के हकदार नहीं हैं तो जनप्रतिनिधियों को यह सहूलियत क्यूं? उन्होंने कहा कि राष्ट्र रक्षकों को पेंशन का अधिकार नहीं है तो मैं भी खुद की पेंशन छोड़ने को तैयार हूं। क्या हम विधायक व सांसद अपनी पेंशन छोड़कर यह नहीं सुनिश्चित कर सकते कि अग्निवीरों को पेंशन मिले? अल्पावधि की सेवा करने वाले अग्निवीर पेंशन के हकदार नहीं हैं तो जनप्रतिनिधियों को यह सहूलियत क्यों?
अल्पावधि की सेवा करने वाले अग्निवीर पेंशन के हकदार नही हैं तो जनप्रतिनिधियों को यह ‘सहूलियत’ क्यूँ?
— Varun Gandhi (@varungandhi80) June 24, 2022
राष्ट्ररक्षकों को पेन्शन का अधिकार नही है तो मैं भी खुद की पेन्शन छोड़ने को तैयार हूँ।
क्या हम विधायक/सांसद अपनी पेन्शन छोड़ यह नही सुनिश्चित कर सकते कि अग्निवीरों को पेंशन मिले?
गौरतलब है कि इस योजना के खिलाफ विभिन्न राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। विपक्ष ने भी सरकार के विरोध में मोर्चा खोल दिया था। सरकार द्वारा ऐलान की गई अग्निपथ योजना में अग्निवीरों का सेना में केवल चार का कार्यकाल होगा इसके बाद वह रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद अग्निवीरों को किसी भी तरह का कोई पेंशन का अधिकार नहीं होगा, जैसे कि सेना में भर्ती होने के बाद रिटायर हुए सैनिकों को होता है। इसी के चलते देश के कई राज्यों में छात्रों और विपक्ष द्वारा सरकार के खिलाफ विरोध किया जा रहा है।