उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के लिए गए मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के 26 तीर्थ यात्रियों की सड़क हादसे में मौत से पूरा देश स्तब्ध है। ऐसे दुखद हादसे बड़ा सबक जरूर देते हैं। अगर आप भी चारधाम या किसी भी तीर्थ यात्रा पर एक बड़े ग्रुप में शामिल हो रहे हैं तो कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

अगर आप भी इन बातों को नजरअंदाज कर यात्रा को निकलते हैं तो किसी हादसे का शिकार हो सकते हैं। इसलिए सकुशल यात्रा के लिए जरूरी है कि आप भी कुछ छोटी-छोटी चीजों पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें। आइए आपको बताते हैं कि ग्रुप में यात्रा पर जाते वक्त किन बातों का रखना है ध्यान-

वाहन की फिटनेस चेक करें- 

अगर आप अपनी यात्रा सड़क मार्ग से कर रहे हैं तो जिस भी वाहन से जा रहे हैं उसकी फिटनेस पर जरूर ध्यान दें। यात्रा से पहले ही चालक से फिटनेस पेपर लेकर उस पर दर्ज जानकारी को जरूर पढ़ें। आप जिस वाहन में सफर करने जा रहे हैं उसका पूरी तरह फिट होना जरूरी है क्योंकि वाहन की फिटनेस ही कई बार बड़े हादसे का कारण बनती है। पन्ना के तीर्थयात्रियों के साथ हुए हादसे के पीछे भी बस के स्टेरिंग फेल होने को कारण बताया जा रहा है। 

ड्राइवर पर रखें नजर-

सड़क मार्ग से तीर्थयात्रा के दौरान आपको वाहन के ड्राइवर पर नजर रखना भी जरूरी है। यह सुनिश्चित करें कि ड्राइवर वाहन चलाने के बाद पर्याप्त आराम करे और भरपूर नींद ले। अगर ऐसा नहीं होता है तो ड्राइवर की एक झपकी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि ड्राइवर वाहन चलाते वक्त थकान का अनुभव ना करे। संभव हो तो ड्राइविंग सीट के पास उन व्यक्तियों को बिठाएं जो ड्राइवर से बातचीत करते रहें या ड्राइवर को थकान का उसकी शारीरिक भाषा देख अनुभव कर सकें। ऐसा करने से आप समय रहते अपनी यात्रा को विराम देकर किसी अनहोनी से बच सकते हैं।
 
3. पारिवारिक सदस्य एक वाहन में यात्रा करने से बचें-

अगर आपका परिवार बड़ा है और परिवार के कई सदस्य एक साथी यात्रा पर निकले हैं तो एक ही वाहन में सभी लोग साथ बैठने से बचें। संभव हो तो अलग-अलग वाहनों में अपनी यात्रा को आगे बढ़ाएं। ऐसे में अगर काफिले का कोई एक वाहन भी हादसे का शिकार होता है तो परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित रह सकेंगे और हादसे के बाद अपने परिवार की तत्काल मदद करने के लिए उपलब्ध रहेंगे। 

4 रात में यात्रा से बचें-

जहां तक संभव हो अपनी यात्रा के पड़ावों को दिन में ही पूर्ण करें। रात में सफर खतरनाक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि यात्रा का प्लान ऐसा बनाएं जिसमें एक गंतव्य से दूसरे गंतव्य तक आप दिन में ही पहुंचे और रात में आराम करें। इस तरह आपके वाहन के ड्राइवर को भी रात की भरपूर नींद मिलेगी। इस तरह आप और आपका ड्राइवर सफर में तरोताजा महसूस करेंगे और जोखिम की  संभावना कम होती जाएगी। 

5  मार्गों की जानकारी लेकर चलें-

आप जिन स्थानों की यात्रा के लिए निकले हैं, उनसे संबंधित मार्ग की जानकारी भी जरूर लें। इसके लिए आप इंटरनेट और अपने वहां रहने वाले साथियों की मदद भी ले सकते हैं। आपसे पहले जो लोग उस स्थान की यात्रा कर चुके हैं, वे भी आपको महत्वपूर्ण जानकारियाँ दे सकते हैं। अगर आपको रास्ते में आने वाले जोखिमों की जानकारी होगी तो उन स्थानों पर आप अतिरिक्त सतर्कता बरतेंगे। ऐसे में हादसों की आशंका कम होती जाएगी। 

6 डायरी या पर्स में हो आपातकालीन नंबर-

आप जब भी यात्रा पर निकलें तो अपने साथ डायरी या पर्स में आपातकालीन नंबर जरुर लिख कर रखें। जिससे किसी भी हादसे के वक्त इन नंबरों पर तत्काल संपर्क किया जा सके। अक्सर यह देखा जाता है कि आपातकालीन नंबर के अभाव में  हादसे के बाद परिजनों को सूचना देना मुश्किल हो जाता है। इन आपातकालीन नंबर को आप अपने मोबाइल के फास्ट डायलिंग ऑप्शन में भी सेव कर सकते हैं। 

7 इंश्योरेंस जरूर कराएं-


 
यात्रा पर जाने से पहले अपना इंश्योरेंस जरूर कराएं। आजकल कई बीमा कंपनियां यात्रा से संबंधित इंश्योरेंस के अच्छे प्लान दे रही हैं। आपका यह कदम किसी हादसे के बाद आपके परिवार के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है।