वास्तु शास्त्र में घर, ऑफिस, दुकान, स्कूल व किसी भी प्रकार की बिल्डिंग की अभी दिशाओं को महत्व दिया जाता है। दुकान के निर्माण में भी वास्तु शास्त्र का बड़ा महत्त्व है। माना जाता है कि जो दुकान के निर्माण में वास्तु शास्त्र के नियमों के पालन से कारोबार में वृद्धि होती है। तो आपकी दुकान दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करे तो इन वास्तु शास्त्र के उपायों को जरूर अपनाएं-
वास्तु शास्त्र के मुताबिक इस बात का ध्यान रखें कि आपकी दुकान का प्रवेश द्वार ढलान की ओर नहीं होना चाहिए, इसे अच्छा नहीं माना जाता। जिस किसी की दुकान के सामने बिजली या फोन का खंबा होता है, ऐसा माना जाता है उस व्यक्ति की दुकान में वृद्धि नहीं होती। अतः इस बात को ध्यान में रखकर ही दुकान का निर्माण करवाएं।
दुकान या शोरूम के मालिक को हमेशा दुकान की पश्चिम दिशा में ही अपने बैठने की व्यवस्था करनी चाहिए। मान्यता है इससे आय में वृद्धि होती है। अगर दुकान में पूजा घर बनवाना चाहते हों तो ख्याल रखें कि मंदिर को ईशान, उत्तर या पूर्व में ही बनवाएं।
वास्तु शास्त्री बताते हैं कि दुकान के लिए सबसे बेहतर दिशा पश्चिम मानी जाती है। इससे दुकान में साकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है साथ ही साथ आर्थिक वृद्धि भी होती है।
इसके अतिरिक्त बता दें एक समान लंबाई-चौड़ाई वाली दुकान को वास्तु शास्त्र में शुभ माना गया है। इसके विपरीत आगे से छोटी और पीछे से बड़ी दुकान लाभ नहीं नुकसान का कारण बनती है।
तो ये कुछ ऐसे वास्तु टिप्स हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने व्यापार में सकारात्मक परिणाम पा सकते हैं।