भोपाल. सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को लेकर वन विभाग की सबसे बुरी स्थिति है. वन बल प्रमुख आरके गुप्ता अमूमन हर वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण को लेकर फटकार लगाते हैं परंतु उसका भी असर दिखाई नहीं दे रहा है. 18 सौ से अधिक सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें वन विभाग में लंबित है. सबसे अधिक शिकायतें सिंगरौली जिले की है जहां वन मंत्री विजय शाह के 'ब्लूआई' वन संरक्षक मधु बी राज पदस्थ हैं. इसी मुद्दे को लेकर 4 मई को फिर वीडियो कांफ्रेंसिंग होने जा रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्पष्ट रूप से अफसरों को निर्देशित कर चुके हैं कि 10 मई से 17 मई तक एक अभियान चलाकर सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण करें.
वन बल प्रमुख आरके गुप्ता हर महीने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वन संरक्षक और डीएफओ को लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण के लिए फटकार लगाते आ रहे हैं. उनकी इस फटकार का फील्ड के अफसरों पर जूं तक नहीं रेंग रही है. यही वजह है कि 2 दर्जन से अधिक जिलों में 40 से लेकर 90 शिकायतें लंबित हैं. लंबित शिकायतों के निराकरण में खराब परफॉर्मेंस होने की वजह से वन विभाग की ग्रेडिंग खराब है. विभाग प्रमुख कई बार अपनी वीडियो कांफ्रेंसिंग में यहां तक कह चुके हैं कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण करने में उदासीनता बरतने वाले आईएफएस अफसरों के एसीआर में उल्लेख होगा. गुप्ता के इस धमकी का भी कोई असर अफसरों में नहीं दिखाई पड़ रहा है. लगातार मॉनिटरिंग करने के बाद भी शिकायतों के निराकरण में प्रोग्रेस नहीं मिलने पर विभाग मुखिया को उनके मातहत अफसरों ने सुझाव दिया कि ऐसे अफसरों को शो कॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया जाए. उदारता पूर्ण व्यवहार होने की वजह से विभाग मुखिया गुप्ता ने या सुझाव दरकिनार कर दिया. उन्हें उम्मीद थी कि अब की फटकार के बाद अफसरों की उदासीनता में बदलाव आएगा किंतु फील्ड में बैठे अफसर है कि मानते ही नहीं हैं.
सबसे अधिक शिकायतों में सिंगरौली नंबर वन
वन विभाग में सीएम हेल्पलाइन की सबसे अधिक शिकायतें सिंगरौली जिले में है. यहां 83 शिकायतें महीनों से लंबित पड़ी हुई है. सिंगरौली वन मंडल के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक शिकायतों के निराकरण में कोई दिलचस्पी ले रहें है. जबकि, झाबुआ अलीराजपुर और आगरा मालवा में सबसे कम शिकायतें लंबित हैं. इसी प्रकार पन्ना नेशनल पार्क में 82 और माधव नेशनल पार्क शिवपुरी में 44 शिकायतें लंबित है.
कहां कितनी शिकायतें लंबित ( टॉप-15)
सिंगरौली - 83
सिवनी - 79
पन्ना - 67
बालाघाट - 62
नर्मदापुरम -61
सतना -61
मुरैना - 60
विदिशा -56
शहडोल - 51
रीवा -50
टीकमगढ़ -50
डिंडोरी -48
देवास -43
छिंदवाड़ा -42
ग्वालियर-41
*( 28 अप्रैल 23 की स्थिति में)
पीएचई में वेतन रोकने का फरमान
कमोबेश यही स्थिति पीएचई विभाग के अधिकारियों की भी रही है. यही वजह है कि पीएचई विभाग ने कड़ा फैसला लिया है. पीएचई विभाग प्रमुख अभियंता ने भिंड, शिवपुरी, अशोकनगर, टीकमगढ़, मुरैना, इंदौर, रतलाम, खरगोन, झाबुआ, धार, बैतूल, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, सतना, जबलपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, रीवा और छिंदवाड़ा जिले में अधिक लंबित प्रकरण है वहां के अधिकारियों अप्रैल माह का वेतन नहीं देने का निर्णय लिया है.