भोपाल : अखिल भारतीय सेवाओं के राज्य में पदस्थ आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस अधिकारियों को अर्दली भत्ते के भुगतान के कोई नियम न होने के बाद भी आईएफएस अधिकारियों को इसका भुगतान किया जा रहा है।
राज्य के वित्त विभाग के अनुसार, उक्त तीनों श्रेणियों के अधिकारियों को कलेक्टर रेट पर अर्दली भत्ता भुगतान के संबंध में कोई नियम नहीं हैं और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। लेकिन इसके बावजूद आईएफएस अधिकारियों को अर्दली भत्ते का भुगतान किया जा रहा है।
प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार, आईएफएस अधिकारियों के अंतर्गत सुरेन्द्र सिंह राजपूत, सत्यानंद, श्रीमती अर्चना शुक्ला, पीके सिंह, आर श्रीनिवास मूर्ति (अब रिटायर्ड), जसबीर सिंह चौहान, धर्मेन्द्र वर्मा, सुरेश कुमार मण्डल, अनिल कुमार श्रीवास्तव, एचयू खान, पुरुषोत्तम धीमान, भागवत सिंह, अतुल कुमार श्रीवास्तव, विवेक जैन, विश्राम सागर शर्मा तथा कैप्टन अनिल कुमार खरे ने जनवरी 2020 से जून 2021 तक 7900 रुपये से लेकर 8700 रुपये प्रति अर्दली के हिसाब से भत्ता प्राप्त किया। इन सभी अधिकारियों ने वन विभाग के अंतर्गत कार्यरत एमपी ईको पर्यटन बोर्ड, राज्य लघु वनोपज संघ तथा राज्य जैव विविधता बोर्ड में पदस्थी में उक्त अर्दली भत्ता लिया है। जबकि वन विभाग से इस संबंध में कोई आदेश नहीं हैं।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि विभाग में कार्यरत रहने पर अर्दली भत्ते के भुगतान की कोई पात्रता नहीं है लेकिन वानोपज संघ सहकारिता एक्ट एवं इको व जैव बोर्ड सोसायटी एक्ट के तहत बने हुये हैं तथा उनमें संचालक मंडल की स्वीकृति से अर्दली भत्ता लिया जा रहा है।