भोपाल: राज्य सरकार ने शनिवार से खनिज के अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के नये नियम प्रभावशील कर दिये। अब खनिज के अवैध परिवहन पर रायल्टी के पन्द्रह गुना बराबर जुर्माना लगेगा तथा पर्यावरण क्षति की राशि भी अलग से देना होगी। अवैध खनिज के मामलों में जब्त वाहन एवं उपकरण निर्धारित राशि लेकर सुपुर्दगी पर छोड़े भी जा सकेंगे।
राज्य सरकार ने सालह साल पहले वर्ष 2006 में बने खनिज नियम खत्म कर दिये हैं तथा गौण खनिज नियम 1996 का नियम 53 एवं रेत नियम 2019 का नियम 20 भी निरस्त कर दिया है और एकजाई नये नियम जारी किये हैं।

नये नियमों के अनुसार, वैद्य अभिवहन पास के बिना खनिज का परिवहन करने पर रायल्टी का पन्द्रह गुना बराबर जुर्माना लगेगा। इसके अलावा, पर्यावरण क्षतिपूर्ति का भी भुगतान करना होगा जोकि ट्रेक्टर ट्राली के लिये 25 हजार रुपये, टु एक्सल यानि छह पहिया वाहन हेतु 50 हजार रुपये, डम्पर यानि हाईड्रोलिक छह पहिया वाहन हेतु 1 लाख रुपये, थ्री एक्सल यानि दस पहिया वाहन हेतु 2 लाख रुपये एवं 4-6 एक्सल यानि दस से अधिक पहिया वाले वाहनों हेतु 4 लाख रुपये होगा। जुर्माना एवं पर्यावरण क्षतिपूर्ति का भुगतान 15 दिन के अंदर करना होगा।

इसी प्रकार, अब यदि किसी वाहन में निर्धारित भार से अधिक खनिज पाया जाता है तो उस पर भी क्षतिपूर्ति देना होगी। मसलन वाहन में तीन घनमीटर खनिज ले जाने की स्वीकृति है और उसमें चार घनमीटर पाया जाता है तो क्षतिपूर्ति की राशि 8 हजार 333 रुपये होगी। इसके अलावा, अब अवैध खनिज के प्रकरण में जब्त वाहन एवं उपकरणों को निर्धारित राशि लेकर इस शर्त के साथ सुपुर्दनामे पर छोड़ा जा सकेगा कि जरुरत पडऩे पर वाहन एवं उपकरण प्रस्तुत किया जायेगा।

ट्रेक्टर ट्राली के लिये यह राशि 50 हजार, टु एक्सल वाहन हेतु डेढ़ लाख, डम्पर वाहन हेतु 2 लाख रुपये, थ्री एक्सल वाहन हेतु 3 लाख रुपये, 4-6 एक्सल वाहनों हेतु 4 लाख, जेसीबी हेतु 2 लाख, पोकलेन हेतु 4 लाख रुपये और अन्य उपकरण हेतु औसत बाजार मूल्य का 10 प्रतिशत होगा।