पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले की जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने फिरोजपुर SSP पर सवाल उठाते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा की प्रधानमंत्री के रूट परिवर्तन की सूचना SSP को दो घंटे पहले ही मिल गई थी। इसके बाद भी फ़िरोज़पुर SSP ने पीएम की सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम नही उठाए जो पंजाब पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है।
कमेटी ने देश के पुलिस अधिकारियों को अति विशिष्ट व्यक्तियों (VVIP) की सुरक्षा को लेकर बेहतर ट्रेनिंग देने की भी सिफारिश की है। वही कमेटी ने रिपोर्ट में प्रधानमत्री मोदी की सुरक्षा और मजबूत करने के लिए सुझाव भी दिए है। इन सुझावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा की वह इन सुझावों को केंद्र सरकार को भी भेजेगा ताकि आगे से सवधानी बरती जा सके।
प्रदर्शनकारियों के बीच फंसा था पीएम का काफिला
जनवरी में पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी रैली के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फिरोजपुर जाना था लेकिन ख़राब मौसम और भारी बारिश के चलते पीएम को हेलीकाप्टर की जगह सडक मार्ग से भटिंडा से फिरोजपुर जाना पड़ा था। इस दौरान फिरोजपुर के पास हुसैनीवाला से 30 किलोमीटर दूर प्रधानमंत्री के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया था .जिसके चलते प्रधानमंत्री का काफिला लगभग 20 मिनट तक बेहद संवेदनशील और असुरक्षित माहौल में रुका रहा।
जिस इलाके में पीएम का काफिला रुका था वह पाकिस्तान की सीमा से काफी नजदीक है। पंजाब पुलिस की इस लापरवाही को पीएम की सुरक्षा में गंभीर चूक की तरह देखा गया क्योंकि राज्य के डीजीपी की सहमति के बाद ही प्रधानमंत्री का रास्ता निर्धारित किया जाता है। इस मामले को लेकर लॉयर्स वॉइस नाम की संस्था सुप्रीम कोर्ट पहुंची और निष्पक्ष जांच की मांग की थी जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था जो इस मामले की जांच कर रही थी।