भोपाल: गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं हर साल होती रही है. इस बार आग की घटनाओं में मप्र को सुर्खियों में है. देहरादून की एफएसआई फायर सिस्टम के अनुसार देश भर में सबसे अधिक आगजनी की घटनाएं राज्य के जंगलों में घटी है. यही नहीं, कहीं-कहीं तो 10 दिन से ज्यादा आग लगी रही और फील्ड का स्टाफ उसे बुझा नहीं पाया. देश भर यह जंगलों में राज्य में 16622 आगजनी की घटनाएं जिसके चलते वन बल प्रमुख आरके गुप्ता को वन महानिदेशक भारत सरकार को सफाई देनी पड़ी.

शुक्रवार को संपन्न वीडियो कांफ्रेंसिंग में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ( संरक्षण ) अजीत श्रीवास्तव ने फील्ड के अधिकारियों को जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में आगजनी की गंभीर स्थिति है. 3 दिन पहले ही एफएसआई की फायर सिस्टम ने प्रदेश में 16622 रिकॉर्ड आगजनी की घटनाएं चिन्हित की है. श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि उत्तम के अनुसार एक-दो स्थान पर तो 10 दिन से ज्यादा आग लगी हुई पाई गई है जिसे फील्ड का स्टाफ बुझा नहीं पाया है. 10 दिन से अधिक आगजनी की घटना सिंगरौली वन मंडल में चिन्हित हुई है.

यहां यह भी उल्लेख करना जरूरी है कि  सिंगरौली में कोयला खदान है और उसमें लगी आग को भी देहरादून की एफ एस आई की फायर सिस्टम अपने अलर्ट सिस्टम में दर्शाती है. उन्होंने कहा कि मेरे पास 8 सर्किल के वनमंडलों के डेटा है. आज भी 3 स्थानों में 5 दिन से ज्यादा आग लगी हुई बताई जा रही है. फायर की सबसे अधिक घटनाएं भोपाल सर्किल के औबेदुल्लागंज, रायसेन और सीहोर के अलावा हरदा एवं होशंगाबाद में घटी है. एपीसीसीएफ श्रीवास्तव ने फील्ड के अधिकारियों को आगाह किया है कि  यदि 24 घंटे के भीतर आग बुझाने में नाकाम हो रहे हो तो सीसीएफ और मुख्यालय को सूचित करें, ताकि आपकी मदद के लिए पड़ोसी वन मंडलों से स्टॉफ को भेजा जा सके. श्रीवास्तव ने यह भी चेतावनी दी कि अगले 15-20 दिन विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है.

एफएसआई के फायर अलर्ट सिस्टम पर उठे सवाल :

एफएसआई के फायर अलर्ट सिस्टम द्वार मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड आगजनी की घटनाएं दर्ज किए जाने के बाद उस पर सवाल अपने लगे हैं. प्रदेश के एक आईटी एक्सपर्ट अधिकारी ने बताया कि एफएसआई के फायर सिस्टम सेटेलाइट आधारित है. यह सेटेलाइट सिस्टम पृथ्वी के तापमान को भी रिकॉर्ड करता है. इसलिए फायर अलर्ट सिस्टम द्वारा चिन्हित आगजनी की घटनाओं को शत-प्रतिशत सही नहीं माना जा सकता है. इस संबंध में रेहटी की घटना को उदाहरण के रूप में बताया जा रहा है. एफएसआई की फायर अलर्ट सिस्टम के अनुसार रेडी में 2 दिन से आग लगी हुई बताई जा रही थी. जबकि सीहोर डीएफओ कंफर्म सहाय स्वयं रहती पहुंचे तो वहां आग बुझी हुई पाई गई. यानि सिस्टम फैलियर है.