कोई भी महिला पहली बार जब मां बनती है तो ऐसी कई बातें होती हैं, जो उसे पता नहीं होती हैं क्या खाएं, क्या न खाएं। प्रेग्नेन्सी के दौरान सही आहार लेने और सही एक्सरसाइज करने से गर्भवती अपने बच्चे और अपना ठीक तरह से ध्यान र सकती है। प्रेग्नेन्सी के दौरान महिलाओं के शरीर में अनेक परिवर्तनों होते है। शरीर और हार्मोंनल चेंजेस के कारण होने वाले बदलावों का असर महिलाओं के स्वास्थ्य पर देखा जा सकता है। हालांकि, ये बदलाव नैचुरल होते हैं। कई बदलाव तो ऐसे होते हैं जो शिशु पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।
प्रेग्नेन्सी के दौरान सही डाइट और एक्सरसाइज को अपने डेली रूटीन में करें शामिल-
जिंक : मछली या मीट जिंक का प्रमुख स्त्रोत होते हैं लेकिन यदि आप शाकाहारी हैं तो आपको अपने आहार में गुड को शामिल करके टिंक की आपूर्ति कर सकते हैं। खाने में प्रोटीन युक्त फूड लें ताकि जिंक आपके शरीर में अच्छी तरह से अवशोषित हो पाए। छोले, दाल, बीन्स, बीज और नट्स में भी जिंक होता है।
फोलिक एसिड : बच्चे में रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क में किसी तरह की बीमारी ना हो इसके लिए फोलिक एसिड गर्भवती महिलाओं को दिया जाता है। गर्भधारण के बाद 28 दिनों तक फोलिक एसिड का इस्तेमाल करना आवश्यक होता है। फोलिक एसिड बच्चे में न्यूरल ट्यूब जैसी बीमारियों को होने से रोकता है। प्रेग्नेन्ट महिलाओं को प्रतिदिन 400 माइक्रोग्राम (0.4 मिलीग्राम) फोलिक एसिड की जरूरत होती है, जो अंडे, नट्स, बीन्स, खट्टे फल, पत्तेदार सब्जियां, ब्रेकफास्ट सीरियल्स और सप्लीमेंट्स के द्वारा मिल सकता है।
आयरन : प्रेग्नेन्सी के दौरान शरीर में आयरन की कमी नहीं होनी चाहिए। हेल्दी बेबी के लिए शरीर में सही मात्रा में आयरन का होना जरूरी होता है। इसलिए अपने आहार में चिकन, मछली, फलियां, पत्तेदार हरी सब्जियां जरूर शामिल करें, क्योंकि इनमें भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है।
विटामिन बी : विटामिन बी बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। यह विटामिंस बच्चे के पाचन तंत्र, स्किन, रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करते हैं। यहां तक कि जन्म दोषों को भी दूर करने में यह विटामिन मदद करता है। इस विटामिन की पूर्ति के लिए अनाज, हरी सब्जियां, चिकन, अंडे का सफेद भाग, दूध और मछली अपने आहार में शामिल करें।
व्यायाम : गर्भावस्था के दौरान एक्सरसाइज करना भी उतना ही आवश्यक है जितना अपने खान-पान का ध्यान रखना। इस दौरान हल्की एक्सरसाइज जैसे कि ब्रिस्क वाकिंग, योगा, स्विमिंग कर सकते हैं। इन एक्सरसाइज से महिलाओं में पीठ दर्द की समस्या, कब्ज की परेशानी, ब्लड प्रेशर इत्यादि को कंट्रोल किया जा सकता है।