पहले टेस्ट में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम पर शुक्रवार से विशाखापत्तनम में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में जीत से वापसी करने का दबाव होगा। भारतीय टीम के लिए चुनौती इसलिए भी बड़ी है क्योंकि विराट कोहली पहले ही उपलब्ध नहीं हैं, इसके अलावा लोकेश राहुल और रवींद्र जडेजा जैसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी चोट के कारण इस मैच में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

टीम इंडिया आज के मैच में नए प्लेइंग-11 के साथ उतरेगी। इस मैच से पहले ही टीम को बड़ा झटका लगा। टीम के दो बड़े खिलाड़ी केएल राहुल और लेफ्ट आर्म स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा चोट की वजह से बाहर हो गए हैं। राहुल की जगह रजत पाटीदार या सरफराज खान को डेब्यू का मौका मिल सकता है। वहीं जडेजा की जगह कुलदीप यादव को शामिल किया जाएगा।

भारतीय टीम को इंग्लैंड की बैजबॉल नीति (आक्रामक शैली) को लेकर भी अलग रणनीति अपनाने की जरूरत है। हैदराबाद में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड के बल्लेबाज ओली पोप ने 196 रन की पारी खेली थी। पोप ने अनऑर्थोडॉक्स शॉट जैसे कि रिवर्स स्वीप, स्कूप शॉट खेलकर भारतीय स्पिनरों की धार कुंद कर दी थी।

घरेलू मैदानों में भारतीय टीम कम ही संघर्ष करती नजर आती है, लेकिन पहले टेस्ट की दूसरी पारी में ऐसा देखने को मिला। तीन साल पहले भी हमें इसी प्रतिद्वंद्वी के हाथों चेन्नई में पहले टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा था। वो बात अलग है कि भारतीय टीम ने वापसी करते हुए सीरीज अपने कब्जे में कर ली। तब इंग्लैंड की अगुआई जो रूट कर रहे थे। अब भारतीय टीम को बेन स्टोक्स की अगुआई वाली उस टीम के खिलाफ पलटवार करने की चुनौती है जिसने टेस्ट क्रिकेट खेलने का अंदाज बदल दिया है। पहली पारी में 190 रन से पिछड़ने के बाद इंग्लैंड की टीम जीतने में सफल रही।

बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा चोटिल हैं, लेकिन पांच सौ विकेट पूरा करने की दहलीज पर खड़े रविचंद्रन अश्विन और अक्षर पटेल को अपनी नई योजनाएं बनानी होंगी। इंग्लैंड के बल्लेबाज किसी भी हालात में अपने आक्रामक तेवर अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। हैदराबाद टेस्ट में 28 रन की हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक राहुल द्रविड़ ने कहा था कि यह महत्वपूर्ण होगा कि हम नई योजना अपनाएं। हम गेंदों की लंबाई ऐसी रखें जहां अनऑर्थोडॉक्स शॉट खेलने में उन्हें मुश्किलें आएं। हमें गेंदबाजी में और अनुशासित प्रदर्शन करने की जरूरत है और योजनाओं को लागू करने की जरूरत है।