भोपाल: जंगल महकमे में आईएफएस और एसएफएस अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश अभी तक जारी नहीं सके हैं। इसके लिए कई दौर में चिंतन और मंथन भी हो चुका। बावजूद इसके, तबादला सूची समाचार लिखे जाने तक जारी नहीं हो सका। इस संबंध में सूत्रों का कहना है कि रसूख रखने वाले आईएफएस अफसर प्राइम पोस्टिंग के लिए पॉलीटिकल प्रेशर और पॉवर का भरपूर उपयोग कर रहें हैं। इसकी वजह से प्रस्तावित ट्रांसफर सूची में आए दिन संशोधन किए जा रहें हैं।

आईएएस, आईपीएस, एसएएस और एसपीएस समेत राज्य सरकार के अधिकांश विभागों की स्थानांतरण सूची जारी हो गई है। जबकि आईएफएस और एसएफएस अफसर की सूची अभी तक जारी नहीं हो पाई है। मुख्यालय के शीर्ष अफसर का कहना है कि हमने तो अपनी ओर से प्रस्तावित पोस्टिंग मंत्रालय को भेज दिया है। क्यों जारी नहीं हो रही है, यह मुख्यालय के अफसरों के लिए यक्ष प्रश्न बना हुआ। 

सूत्रों का कहना है कि राज्य वन सेवा के अधिकारी हों या फिर भारतीय वन सेवा के अफसर प्राइम पोस्टिंग के लिए पोलिटिकल प्रेशर और अपने पॉवर से ट्रांसफर में महती भूमिका निभाने वाले नौकरशाहों पर दबाव बनवा रहें हैं। इसलिए तबादला सूची बन-बिगड़ रही है। वन विभाग में सबसे अधिक दबाव 2022-23 बैच आईएफएस (RR) अधिकारियों द्वारा डलवा जा रहा है। वे अपनी पहली पोस्टिंग में रीवा, सतना, खंडवा शिवपुरी, दमोह जैसे बड़े वनमंडल में पदस्थ होना चाहते हैं। जबकि पहली बार 2022-23 बैच के आईएफएस को सामाजिक वानिकी, उत्पादन और वन विकास में पदस्थ किये जाने का प्रावधान है। 

रीवा सर्किल और सिंगरौली, देवास, शिवपुरी वनमंडल के लिए जोर आजमास 

यूं तो सर्किल में रीवा, शहडोल, सिवनी और ग्वालियर में वन संरक्षक के पद खाली है। इनमें रीवा सर्किल में 6 डिवीज़न है। इसलिए यहां पदस्थ होने के लिए इंदौर वनसंरक्षक पीएन मिश्रा, वर्किंग प्लान लिख रहे बृजेन्द्र श्रीवास्तव जो कि एफडी पन्ना टाइगर रिजर्व के अतिरिक्त प्रभार में भी है, पूरी ताकत लगा दी है। इसके अलावा रीवा सर्किल वन संरक्षक पद पर पदस्थ होने के लिए वर्किंग प्लान ऑफिसर अनुराग कुमार ने भी सीएफ ऑफिस तक एप्रोच किया है। वन मंडल सिंगरौली के लिए 2014 और 2015 बैच के अफसरों के बीच जोरआजमाइस चल रही है। हरदा उत्पादन के डीएफओ नरेंद्र पड़वा ने देवास के लिए दावेदारी की है। इसके लिए एक धर्मगुरु की मदद ली है। इसी प्रकार शिवपुरी वनमंडल के लिए तीन आईएफएस ने दावेदारी की है।