केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शनिवार को घोषणा की कि देश में पहला मंकीपॉक्स संक्रमित मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुका हैं और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

मूल रूप से केरल का एक 35 वर्षीय व्यक्ति 12 जुलाई को यूएई से भारत आया था और दो दिन बाद मेडिकल जांच में वह मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित पाया गया। जब उसमे मंकीपॉक्स के लक्षण दिखे, तो उसे कोल्लम के एक अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे त्रिवेंद्रम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया, जहां उसे लंबे समय तक मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया।

जॉर्ज ने कहा कि सभी उपचार, प्रोटोकॉल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे द्वारा योजनाबद्ध थे। इलाज के बाद दोबारा सैंपल लेकर जांच की गई। अब तक सभी नमूनों की दो बार रिपोर्ट निगेटिव आई है और स्वास्थ भी पूरी तरह से ठीक हो गया है।

उन्होंने आगे कहा कि केरल से दो अन्य पॉजिटिव मामले भी मध्य पूर्व से आए हैं। जिनकी हालत अब स्थिर है और वे तेजी से ठीक भी हो रहे हैं। एक दिन पहले शुक्रवार को केंद्र सरकार ने बताया था कि देश में 27 जुलाई तक मंकीपॉक्स के 4 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जिनमें से 3 केरल और 1 दिल्ली से आए हैं।

लोकसभा में स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती पवार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि देश में मंकीपॉक्स से मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, देश के कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मई महीने के बाद कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या में चिंताजनक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।