रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। यूक्रेन के कुछ हिस्सों में भी विस्फोट हुए हैं। हालांकि यूक्रेन ने कहा है कि रूस ने अभी तक उन पर हमला नहीं किया है। इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका सहित सभी यूरोपीय देश युद्ध के खतरे से बचने की कोशिश कर रहे हैं। भारत ने भी इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। यूक्रेन में हालिया संकट पर अपना रुख दोहराते हुए भारत ने कहा कि दोनों पक्षों को कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
The escalation of tension along the border of Ukraine with the Russian Federation is a matter of deep concern. These developments have the potential to undermine peace and security of the region: India's Permanent Rep to United Nations TS Tirumurti, at UNSC meet on Ukraine pic.twitter.com/LzJohFcIDv
— ANI (@ANI) February 22, 2022
भारत ने मंगलवार को यूएनएससी में जोर देकर कहा कि युद्ध की आशंका के बीच यूक्रेन में छात्रों सहित 20,000 और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत के बयान के बाद, संभावना है कि भारत यूक्रेन के मुद्दे पर रूस दूर रहेगा जैसा उसने पिछली बार किया था। भारत ने संयुक्त राष्ट्र को बताया, "हम यूक्रेन के घटनाक्रम और इस संबंध में रूस द्वारा की गई घोषणा की निगरानी कर रहे हैं"। यूएनएससी के भारत के स्थायी सदस्य टीएस थिरुमूर्ति ने यूक्रेन मुद्दे पर भारत की ओर से बयान दिया।
Safety&security of civilians essential. More than 20,000 Indian students& nationals live&study in different parts of Ukraine, incl in its border areas. The well-being of Indians is of priority to us: India's Permanent Rep to United Nations TS Tirumurti, at UNSC meet on Ukraine pic.twitter.com/kRcAdVAtuI
— ANI (@ANI) February 22, 2022
उन्होंने कहा कि यूक्रेन सीमा पर संघर्ष का बढ़ना चिंता का विषय है। हाल की घटनाएं क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। नागरिकों की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन में 20,000 से अधिक भारतीय छात्र और भारतीय रहते हैं। भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उम्मीद है कि यह विवाद जल्द ही सुलझ जाएगा। तिरुमूर्ति ने आगे कहा, "हम सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान करते हैं।" हमारा मानना है कि इस मुद्दे को कूटनीतिक बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है।
भारत ने सुलह का मार्ग प्रशस्त किया :
यूक्रेन संकट पर यूएनएससी की बैठक में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस थिरुमूर्ति ने कहा, "इन सभी संघर्षों के बीच, हमारे देश के लोगों की सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है।" हम सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान करते हैं। हमारा मानना है कि इस मुद्दे को कूटनीतिक बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है। भारत हमेशा से ही शांति के मार्ग पर चलता रहा है ओर शांति से ही विकास का मार्ग प्रसस्त्र हो सकता हैं।