पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की आज पीसीसी में मीडिया से चर्चा -
-टेम और सुठोलिया परियोजना के डूब प्रभावितों को साथ में लेकर आज मैंने और दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह से मुलाकात की।
उन्हें सर्वे व मुआवजे से संबंधित सारी गड़बड़ियाँ बतायी।प्रभावित किसानों से उनकी सीधी चर्चा करायी।
-दिग्विजय सिंह ने मिलने का समय मांगा था , उन्हें आज का समय मिला था , उन्होंने मुझे सूचित किया तो मैंने उनसे आग्रह किया कि मैं भी साथ चलूंगा और आज मैं उनके साथ मिलने गया।
-उस दिन भी मैं स्पष्ट कर चुका हूं कि मैं छिंदवाड़ा से अपने दो दिवसीय दौरे के तहत भोपाल स्टेट हैंगर पर लौटा था , उसी समय शिवराज अपने दौरे पर जाने के लिए स्टेट हेंगर पर पहुंचे थे तो हमारी अचानक से मुलाकात हुई।उस समय उन्होंने मुझे दिग्विजय सिंह के धरने के बारे में बताया था।
-दिग्विजय सिंह के धरना स्थल पर मुझे डूब प्रभावित किसानो ने अपनी समस्या बतायी।उनकी समस्या बिल्कुल सही है , उन्होंने मुझे बताया कि किस प्रकार मुआवजे में गड़बड़ी हो रही है , सर्वे गलत हो रहा है।उन्होंने मुझे कागज भी दिखाये कि किस तरह उनके साथ अन्याय हो रहा है।
अब शिवराज के ऊपर है कि वो सही निर्णय करे , उनके साथ न्याय करे।
-आज प्रदेश का किसान त्रस्त है।उनको खाद ,बीज नहीं मिल रहा है ,सही मूल्य नहीं मिल रहा है।कई जगह बड़ी-बड़ी परियोजनाओ में उनकी ज़मीन जा रही है लेकिन उनको सही मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
-आज किसान त्रस्त ,नौजवान, छोटा व्यापारी सभी त्रस्त।
अमर ज्योति जवान को बुझाने के सवाल पर बोले -
-भाजपा की नीति और नियत दोनो सामने आ रही है कि वो किस नियत से काम कर रहे हैं।यह तो पूरे देश का इतिहास मिटा देना चाहते हैं। मोदी जी चाहते हैं कि 2014 से ही देश का इतिहास लिखा जाये।
लेकिन वह इतिहास जरूर लिखा जाएगा , जब अगला लोकसभा आएगा, यह भूल में ना रहे।आज देश के मतदाताओं में बहुत जागरूकता है।
सांसद केपी यादव के पत्र वाले सवाल पर बोले-
-यह दोनों का आपसी पार्टी का मुद्दा है, यह आपस में निपटे।
यदि के पी यादव दुखी हैं तो ऐसे तो कई दुखी होंगे , अभी तो सिर्फ के पी यादव का पत्र ही सामने आया है।
-आज शिवराज जिस बूथ पर जा रहे है , वहाँ लाइट नहीं है ,पीने का पानी नहीं है ,शौचालय नहीं है , उज्जवला योजना के सिलेंडर नहीं है ,यह प्रदेश की हालत है।
ये तो अपनी आंखें बंद करकर जाते हैं ,अपने कान बंद करकर जाते हैं , सिर्फ मुँह चलाकर आ जाते हैं।
दिग्विजय सिंह की मीडिया से चर्चा -
मैं शिवराज को लगातार पत्र लिख रहा था , कितनी बार मेरे कार्यालय से उनके कार्यालय में ,किन से ,कौन से नंबर से बात हुई ,उसकी जानकारी मैंने कमलनाथ को दी।
यदि उनके अधिकारी व उनका कार्यालय उनको सूचित नहीं करता है तो उसमें मेरा कोई कसूर नहीं है।
मुझे पहले 21 जनवरी का समय दिया ,फिर अचानक से मना कर दिया गया।
अब सूचना दी कि 23 तारीख को 11:45 बजे का समय दिया है ,हमने आज मुलाक़ात की।
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किसानों के साथ हो रहा अन्याय: पीसीसी में बोले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ
आज प्रदेश का किसान त्रस्त है।उनको खाद ,बीज नहीं मिल रहा है ,सही मूल्य नहीं मिल रहा है।कई जगह बड़ी-बड़ी परियोजनाओ में उनकी ज़मीन जा रही है लेकिन उनको सही मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। -कमलनाथ