पठानकोट हमले के मास्टमाइंड शाहिद लतीफ की पाकिस्तान के सियालकोट में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। शाहिद लतीफ एनआईए के मॉस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। रिपोर्ट्स के मुताबिक लतीफ पर अज्ञात लोगों ने गोलियां चलाई।
2 जनवरी, 2016 को जैश के आतंकियों ने पठानकोट में एयरबेस पर हमला कर दिया था। इसमें 7 जवान शहीद हो गए थे। 36 घंटे एनकाउंटर और तीन दिन तक कॉम्बिंग ऑपरेशन चला था। शाहिद लतीफ आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एक प्रमुख सदस्य था। उसने ही चारों आतंकवादियों को पठानकोट भेजा था। लतीफ पर उन आतंकियों में भी शामिल होने का आरोप है, जिन्होंने 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान को अगवा किया था।
एयरफोर्स के स्टेशन पर भारतीय सेना तैनात
पठानकोट में एयरफोर्स के स्टेशन पर तैनात भारतीय सेना का जवान भारतीय सेना की वर्दी में आए थे हथियारबंद आतंकी एयरबेस पर यह हमला 2 जनवरी 2016 को हुआ था। भारतीय सेना की वर्दी में आए हथियारबंद आतंकियों ने इसे अंजाम दिया था। वे सभी भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर रावी नदी के रास्ते आए थे। भारतीय इलाके में पहुंचकर आतंकियों ने कुछ गाड़ियां हाईजैक कीं और पठानकोट एयरबेस की ओर बढ़ गए। इसके कैंपस की दीवार कूदकर, लंबी घास से होते हुए उस जगह पहुंचे, जहां सैनिक रहते थे। यहां उनका पहला सामना सैनिकों से हुआ। फायरिंग में चार हमलावर मारे गए और तीन जवान शहीद हो गए।