24 फरवरी को जब से रूस और यूक्रेन की जंग शुरू हुई है तब से लेकर अब तक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 10 आलोचकों की रहस्यमय हालत में मौत चर्चा में रही है। दो दिन पहले ओडिशा में उनके एक और कट्टर रूसी सांसद की मौत से फिर यह बात सुख हो रही है कि उनके विरोधी कैसे मरते जा रहे हैं। ज्ञात हो कि ओडिशा में रूसी बिजनेस टायकून पावेल एंतोव की लाश एक होटल में मिलने से सनसनी मची है। एंतोव टायकून थे और अपने 65वें बर्थडे के मौके पर भारत मौजूद थे। बताया जा रहा है कि रायगढ स्थित एक फाइव स्टार होटल की खिड़की से गिरकर उनकी मौत हुई । लेकिन यह कई तरह के सवाल खडे कर रही है। वे जाना माना थे। उन्होंने पुतिन के यूक्रेन हमले का विरोध किया था।
खुद को मारी गोली
एंतोव के अलावा 52 साल के पावेल चेलनिकोव की लाश मॉस्को में उनके अपार्टमेंट में मिली थी। मौत गोली लगने से हुई थी। रूसी मीडिया का दावा था कि चेलनिकोव ने खुद को गोली मार ली थी। चेलनिकोव सरकारी रेल कंपनी में ऑफिसर थे। इसी तरह चेलनिकोव की मौत से कुछ ही हफ्तों पहले पुतिन के करीबी रहे अनातोली राशचेंको की उस समय मौत हो गई थी जब वह फ्लाइट्स की सीढियों से उतर रहे रिपोर्ट्स के मुताबिक 73 साल के गेशचेंको जो एक एविएशन प्रमुख भी थे। कहा गया था कि कुछ समय पहले वह पुतिन के करीबियों की लिस्ट से बाहर हो गए थे।
गैराज में मिली डेड बॉडी
वहीं राविल मैगनाओव भी रहस्यमय हालत में मर गए थे। 64 साल के मैगनाओव रूसी तेल कंपनी लक ऑयल के मुखिया थे। मॉस्को के सेंट्रल क्लीनिक हॉसपिटल से गिरकर उनकी मौत ने हर किसी को सन्न कर दिया था। मौत को काफी रहस्यमय माना गया था। एलेक्जेंडर की मौत से तीन हफ्ते पहले ही लेनिनग्राड क्षेत्र में एक और एलीट सोसायटी में 60 साल के लियोनिद शुलमैन की डेडबॉडी मिली थी। 55 साल सर्गेई प्रोटोसेन्या की डेडबॉडी तो स्पेन में फांसी पर झूलती हुई मिली थी। मार्च में रूस के अरबपति वसीली मेलनिको, उनकी पत्नी और दोनों बेटों की लाशें निजनी नावोगरट के एक लग्जरी अपार्टमेंट में झूलती हुई मिली थीं। उनके शरीर पर चोटों के निशाना मिले थे।